भोपाल। शराबबंदी वाले राज्य गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से मुरैना के एक युवक समेत 9 लोगों की मौत हो गई है। घटना में 41 लोग बीमार हैं, जिनमें से 7 की हालत गंभीर बनी हुई है
गुजरात पुलिस का दावा है कि यह नकली शराब मध्य प्रदेश के उज्जैन से तस्करी कर भावनगर पहुंचाई गई थी।
खुशी का जश्न मातम में बदला
यह मामला 16 अगस्त की रात घोघा तहसील के खरकड़ी गांव में शुरू हुआ। पुलिस में चयन होने की खुशी में हरपाल सिंह गोहिल की बाड़ी में दोस्तों को पार्टी दी गई थी। इसके लिए घनश्याम नामक तस्कर से शराब खरीदी गई थी, जिसे ‘रॉयल स्टैग’ की बोतलों में परोसा गया था।
शराब पीते ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते मौतों का सिलसिला शुरू हो गया।
सैकड़ों गांवों में चेतावनी
उज्जैन से आई थी खेप: पुलिस जांच में सामने आया कि शराब की कुल 28 पेटियां उज्जैन से भावनगर लाई गई थीं।
13 पेटियों का सुराग नहीं: पुलिस ने 15 पेटियां बरामद कर ली हैं, लेकिन 13 पेटियां अब भी गायब हैं। शराब अन्य गांवों तक पहुंचने की आशंका के चलते 1000 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
उज्जैन के दो मुख्य आरोपियों की तलाश
गुजरात पुलिस ने इस कांड के लिए तीन मुख्य आरोपियों को जिम्मेदार ठहराया है। इनमें उज्जैन निवासी रईस और जुबेर तथा भावनगर का गौतम सोलंकी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तस्करी कर लाई गई शराब में स्थानीय स्तर पर जहरीला ‘मिथाइल अल्कोहल’ मिलाया गया था।
आरोपियों को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की मदद ली जा रही है।
SMC के पास जांच, 15 टीमें गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) को सौंपी गई है।
– 5 टीमें अस्पतालों में भर्ती मरीजों से जानकारी जुटा रही हैं।
– 5 टीमें संदिग्ध बोतलों और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही हैं।
– बाकी 5 टीमें मूल सप्लायरों तक पहुंचने में जुटी हैं।
तस्करी का अंतरराज्यीय नेटवर्क
जांच अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश से गुजरात में शराब तस्करी के लिए झाबुआ और अलीराजपुर से सटे 18 प्रमुख रास्तों का इस्तेमाल होता है। इस मामले में डिनेचर्ड स्पिरिट के इस्तेमाल की भी आशंका है, जो अस्पतालों व फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होता है और इंसानी शरीर के लिए घातक साबित होता है।



