Spread the love

नई दिल्ली: देश में कई ऐसी इंश्योरेंस कंपनियां हैं, जो लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) देती हैं। लोग इस बीमा को इसलिए कराते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर या स्वास्थ्य संबंधित किसी भी इमरजेंसी के वक्त उन्हें क्लेम करने पर बीमा की राशि मिल सके। राशि मिलने पर लोगों को इलाज कराने में आर्थिक रूप के काफी मदद मिल जाती है। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर भी सोचने पर मजबूत कर दिया है।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि एक व्यक्ति जिसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती है। उसने इलाज के लिए पैसे की जरूरत पड़ने पर करीब आठ साल से भर रहे प्रीमियम पर हेल्थ इंश्योरेंस को क्लेम किया, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि वक्त आने पर उसकी इंश्योरेंस कंपनी Niva Bupa ने उसके क्लेम रिक्वेस्ट को रिजेक्ट कर दिया और कैशलेस सुविधा देने से मना कर दिया। इस व्यक्ति के पास Niva Bupa के कुल तीन हेल्थ इंश्योरेंस होने की बात कही गई है, जो करीब 25-25 लाख रुपये के हैं। 

क्लेम रिक्वेस्ट रिजेक्ट

राहुल कुमार नाम की एक वेरिफाइड एक्स आईडी से इस व्यक्ति की परेशानियों को बताया गया है। इसमें लिखा गया है- "8 साल से ये बंदा हेल्थ इंश्योरेंस भर रहा था आज बीबी बीमार है हॉस्पिटल में तो इंश्योरेंस क्लेम नहीं हो रहा है। Niva Bupa की तीन-तीन पॉलिसीज हैं इसके पास- खुद की, बीवी की और पेरेंट्स के बच्चे की। पच्चीस-पच्चीस लाख की। फैमिली फ्लोटर तक नहीं लिया सिर्फ पीस ऑफ माइंड के लिए।

आठ साल में कभी क्लेम नहीं किया। अब बीवी Fortis ग्रेटर नोएडा में एडमिट है। टाइफाइड निकला है फैमिली डॉक्टर से लेकर दो हॉस्पिटल तक इलाज चला, फिर भी कंपनी ने बिना ठोस वजह क्लेम रिजेक्ट कर दिया।

क्लेम रिक्वेस्ट रात 3:17 पर गई और सिर्फ 23 मिनट में 3:40 पर डिनायल आ गया। मतलब डॉक्यूमेंट्स रिव्यू करने का टाइम ही नहीं दिया। क्लेरिफिकेशन भेजा तो फिर 10 से 15 मिनट में डिनायल। बंदे (व्यक्ति) का बस एक सवाल है, आठ साल प्रीमियम भरने के बाद, पहली जरूरत पर कंपनी मुंह मोड़ ले तो इंश्योरेंस का क्या फायदा है।"

बिना किसी कारण के क्लेम को खारिज कर दिया- ग्राहक

इस एक्स (पहले ट्विटर) पोस्ट पर इंश्योरेंस क्लेम और उसको कंपनी के द्वारा रिजेक्ट करने की भी तस्वीरें शेयर की गईं हैं। क्लेम करने वाले व्यक्ति (ग्राहक) का नाम अभी पता नहीं चला है, लेकिन उनकी पत्नी का नाम मनीषा शर्मा है, जो बीते दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। पीड़ित महिला के पति ने कहा, "मेरी पत्नी अस्पताल में हैं। 8 साल में यह मेरा पहला क्लेम था, लेकिन बिना किसी कारण के इसे खारिज कर दिया गया।"

कैशलेस सुविधा नहीं दे सकते- इंश्योरेंस कंपनी

क्लेम रिक्वेस्ट पर इंश्योरेंस कंपनी Niva Bupa ने अपनी बात कही है। इस एक्स पोस्ट में शेयर की गईं तस्वीरों में कंपनी की बात को भी शेयर किया गया है। इसमें कंपनी ने क्लेम रिक्वेस्ट का जवाब देते हुआ कहा, "जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, मरीज को मुख्य रूप से जांच और मूल्यांकन के लिए भर्ती किया गया था। हमें खेद है कि हम इस अनुरोध के लिए कैशलेस सुविधा नहीं दे सकते। पॉलिसी क्लॉज 5.1.4।"

इंश्योरेंस कंपनी ने कहा, "प्रिय सर्विस पार्टनर, हमें खेद है कि पॉलिसी की शर्तों और नियमों के अनुसार कैशलेस अनुरोध को मंजूरी नहीं दी गई है।"

हालांकि, बीमा कंपनी ने आगे यह भी कहा, "कैशलेस सुविधा देने से इनकार करने का मतलब क्लेम को अस्वीकार करना नहीं है। हम सलाह देते हैं कि आप रीइम्बर्समेंट (खर्च की वापसी) के लिए क्लेम के दस्तावेज यहां (एक लिंक दी गई थी)जमा करें।"