नई दिल्ली: विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के लगभग सभी बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए। वहीं टेस्ट क्रिकेट में वह 10000 रनों तक पहुंचने से पहले ही रिटायर हो गए। साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने हाल में टेस्ट क्रिकेट के बारे में बात कहा कि विराट कोहली सीम-फ्रेंडली और उछाल वाली पिचों पर कोहली, तेंदुलकर से बेहतर बल्लेबाज साबित हुए।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज कहा, ‘मुझे पहले के सचिन तेंदुलकर की याद आती है, जिन्होंने भारत के लिए यह ट्रेंड शुरू किया था। फिर भी, वह विराट कोहली जितने मजबूत नहीं थे, जो उनसे भी बेहतर थे। लेकिन सचिन ही वह पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने दिखाया कि सब-कॉन्टिनेंट का बल्लेबाज होने के बावजूद, आप उछाल और सीमिंग वाली कंडिशन्स में अच्छा खेल सकते हैं। विराट ने इसे आगे बढ़ाया और स्टैंडर्ड को और ऊंचा किया।’
टेस्ट में घर से बाहर रिकॉर्ड कैसा?
टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली ने घर से बाहर 68 मैच खेले हैं तो सचिन तेंदुलकर ने 106 मैच। सचिन ने 106 मैचों की 176 पारियों में विदेशी धरती पर 8705 रन बनाए। उनका औसत 54.74 का रहा, जो घरेलू क्रिकेट से बेहतर है। इस दौरान सचिन ने 29 शतक के अलावा 36 फिफ्टी ठोकी। वहीं विराट कोहली ने विदेश में 123 पारियों में 41.12 की औसत से 4894 रन बनाए। उन्होंने 16 शतक के अलावा 18 फिफ्टी ठोकी। विराट कोहली ने 123 मैचों के टेस्ट करियर में 30 शतकीय पारी खेली। वहीं सचिन तेंदुलकर ने विदेश में खेले गए 106 टेस्ट में ही 29 शतक ठोक दिए।
SENA देशों में सचिन और विराट कोहली
SENA देशों की बात करें तो वहां सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर के 63 टेस्ट मैच खेले। इसमें उन्होंने 51.3 की औसत से 5387 रन बनाए। उन्होंने 17 शतक ठोके और सबसे बड़ी पारी 241 रनों की रही। वहीं विराट कोहली ने SENA देशों में खेले 46 टेस्ट मैचों की 89 पारियों में 3661 रन बनाए। विराट ने ये रन 42.08 की औसत से बनाए और इसमें 12 शतक हैं। वह इस भी दोहरा शतक नहीं लगा पाए।
SENA देशों में डिविलियर्स का रिकॉर्ड
एबी डिविलियर्स के 114 टेस्ट मैचों के करियर में 8765 रन हैं। उन्होंने शुरुआत से ही सीम और स्विंग वाली कंडीशन में क्रिकेट खेला है। इसके बाद भी SENA देश में उनका औसत सचिन तेंदुलकर से नीचे ही है। डिविलियर्स ने SENA देशों में 85 टेस्ट मैच खेले। इसमें उन्होंने 47.49 की औसत से 6222 रन बनाए। इसमें 16 शतक और 35 फिफ्टी शामिल हैं। अगर उनके साउथ अफ्रीका के मैच हटा दें तो डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में खेली 32 पारियों में सिर्फ तीन ही शतक लगाया है।



