रायपुर, रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहा है। रायपुर रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय में सामान की जांच करने वाली स्कैनर मशीन बंद है। मशीन का संचालन करने वाली एजेंसी ने घाटा होने का हवाला देकर अचानक काम छोड़ दिया। इसके बाद रेलवे ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।
ऐसे में पार्सल कार्यालय से सामान मशीन जांच के बिना ही देशभर में भेजा जा रहा है। यहां रोजाना करीब 600 कार्टन की बुकिंग होती है। इनमें कपड़े, किराना, ऑटो पार्ट्स, दवाइयां और अन्य व्यावसायिक सामग्री शामिल है। स्कैनिंग व्यवस्था बंद होने से पार्सल की सुरक्षा जांच की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
रायपुर से दूसरे राज्यों तक भेजते हैं व्यावसायिक सामग्री
रायपुर स्टेशन का पार्सल कार्यालय शहर से दूसरे राज्यों तक व्यावसायिक सामान भेजने का प्रमुख माध्यम है। यहां से रोजाना करीब 600 कार्टन बुक होते हैं। कपड़े और किराना से लेकर ऑटो पार्ट्स, दवाइयां तथा दूसरी व्यावसायिक सामग्री ट्रेनों के जरिए भेजी जाती है।
पार्सल में भेजे जाने वाले सामान को पैक और सील करने के बाद मशीन से उसकी अंदरूनी सामग्री की जांच की जाती है। इससे पैकेट खोले बिना उसके भीतर रखी वस्तुओं की स्क्रीनिंग संभव होती है। रायपुर स्टेशन पर यह सुविधा बंद होने से पैक पार्सल की नियमित मशीन जांच नहीं हो पा रही है।
76 लाख का ठेका, तय समय से पहले एजेंसी ने छोड़ा काम
रेलवे के अफसरों के मुताबिक रेलवे ने 15 मई 2024 को पार्सल कार्यालय में स्कैनर मशीन के संचालन का ठेका बालाजी इंटरप्राइजेज को करीब 76 लाख में दिया था। अनुबंध की अवधि 14 मई 2029 तक थी। इसके बावजूद एजेंसी ने 16 अगस्त 2026 को काम बंद कर दिया। कंपनी ने घाटे को वजह बताया। एजेंसी के हटने के बाद मशीन का संचालन पूरी तरह रुक गया।
बुकिंग और परिवहन जारी
रायपुर रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय में सामान की बुकिंग और उसे ट्रेनों से भेजने की प्रक्रिया जारी है। यानी रोजाना आने वाले पार्सल सामान्य प्रक्रिया से बुक होकर गंतव्य के लिए रवाना हो रहे हैं, लेकिन स्कैनिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। रेलवे ने नया टेंडर निकाला है। नई एजेंसी के चयन के बाद स्कैनिंग दोबारा शुरू की जाएगी। तब तक पार्सल की मशीन से होने वाली सुरक्षा जांच प्रभावित रहेगी।
जल्द हो जाएगी शुरू
टेंडर भरते समय एक ऑप्शन रहता है कि यदि कंपनी को घाटा लग रहा है तो वह काम छोड़ सकती है। कंपनी को घाटा हो रहा था, इसलिए उसने काम छोड़ दिया। टेंडर निकाला गया है। जल्द ही नई कंपनी के चयन के बाद स्कैनिंग दोबारा शुरू की जाएगी।
-सुस्कर विपुल बिलासराव, सीनियर डीसीएम, रायपुर



