निमरत कौर के पिता , मेजर भूपेंद्र सिंह, 32 साल पहले कश्मीर में हुए एक दुखद आतंकी हमले में मारे गए थे। उस समय निमरत सिर्फ 11 साल की थीं। हाल ही में समाचार एजेंसी ANI के साथ बातचीत में, निमरत ने उस सदमे, दर्द और कभी न भर पाने वाले नुकसान के दौर को याद किया। उनकी मां, जो उस समय बहुत कम उम्र की थीं, उन्होंने अकेले ही निमरत और उनकी बहन की परवरिश की और उन्हें कम उम्र में ही मुश्किलों का सामना करने और हिम्मत बनाए रखने का सबक सिखाया।
निमरत ने बताया कि उनके पिता को उन आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था जिन्होंने सैनिकों का भेष बना रखा था। उन्होंने कहा, ‘उन्हें काम के एक आम दिन अगवा किया गया था। वे अपनी ड्यूटी के सिलसिले में कहीं जा रहे थे और लौटते समय उन्हें उन लोगों ने अगवा कर लिया जो सैनिक बनकर आए थे। उन्होंने सेना की वर्दी पहनी हुई थी और वे उन्हें अपने साथ ले गए।’
आतंकवादियों ने 7 दिन तक रखी मांगें
निमरत ने बताया कि परिवार को उनकी मौत की खबर मिलने से पहले, सात दिनों के दौरान आतंकवादियों ने कई मांगें रखी थीं। उन्होंने आगे कहा, ‘कुछ मांगें तो बहुत अजीब थीं। उन्होंने भारत में कैद अन्य लोगों को रिहा करने और सात दिनों के दौरान कई अन्य अजीब मांगें रखीं। सातवें दिन, हमें खबर मिली कि उनकी हत्या कर दी गई है।’ उस समय 11 साल की रहीं एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें इस बात का कोई क्लोजर नहीं मिला।
मुश्किल घड़ी में मां की हिम्मत
मुश्किल समय में अपनी मां की हिम्मत को याद करते हुए निमरत ने कहा, ‘मुझे सच में लगता है कि जिस तरह से मेरी मां ने हमारी परवरिश की और उसके बाद जिस तरह से उन्होंने अपनी और हमारी ज़िंदगी को फिर से संवारा, ऐसी बहुत कम महिलाएं हैं जो अकेले ही इतने सम्मान और गरिमा के साथ ऐसा कर पातीं।’
पापा की पुण्यतिथि पर भावुक हुईं निमरत
इस साल अपने पिता की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए निमरत ने एक भावुक पोस्ट शेयर किया, ‘पापा को देश की सेवा में गए हुए 32 साल हो गए हैं। वे अपनी मेहनत से आगे बढ़े एक सच्चे सपूत, एक बेहतरीन पति और पिता थे। सबसे बढ़कर, वे शेर-दिल सैनिक थे जो किसी से नहीं डरते थे- यहां तक कि मौत से भी नहीं, जैसा कि हमें उनके आखिरी पलों के बारे में बताया गया।’
निमरत की सीरीज ‘द फैमिली मैन 3’
निमरत को आखिरी बार ‘द फैमिली मैन 3’ में देखा गया था, जिसमें मनोज बाजपेयी और जयदीप अहलावत भी थे। राज और डीके की बनाई इस सीरीज की कहानी श्रीकांत तिवारी (मनोज बाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है। वह एक मिडिल-क्लास आदमी है जो अपनी फैमिली लाइफ और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के एक काल्पनिक डिवीजन, ‘थ्रेट एनालिसिस एंड सर्विलांस सेल’ (TASC) में इंटेलिजेंस ऑफिसर के तौर पर अपनी नौकरी के बीच तालमेल बिठाता है।



