भोपाल। केंद्र सरकार की पीएम-केयर्स योजना के माध्यम से प्रदेश को 13 एमआरआई मशीनें, 11 मैमोग्राफी मशीनें और 308 एआइ आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण अगले तीन वर्ष में उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रदेश में जांच सुविधाएं बढ़ेंगी। इन मशीनों को प्राथमिकता के आधार पर मेडिकल कालेज या बड़े जिला अस्पतालों में स्थापित किया जाएगा। मैमोग्राफी का उपयोग स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है।
सोमवार को दिल्ली में इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और प्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ है। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी
उन्होंने कहा कि पीएम-केयर्स के माध्यम से उपलब्ध होने वाले अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देंगे। डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘डिजिटल हेल्थ इनिशिएटिव्स लन्च कार्यक्रम’ में आरोग्य सेतु 2.0 सहित कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ किया। जिसमें राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हुए थे।



