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इस्लामाबाद: पाकिस्तान की ओर से बार फिर वैश्विक मंच से कश्मीर मुद्दे को उठाया गया है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 63वां सत्र में पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने कहा है कि भारत का कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बताना ठीक नहीं है। पाकिस्तानी पक्ष ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा है कि दिल्ली से भेजे जा रहे सुरक्षाबल कश्मीर में ज्यादती कर रहे हैं। ऐसे में दुनिया को चाहिए कि इस मुद्दे को यूएन के प्रस्तावों को हिसाब से सुलझाने के लिए भारत पर दबाव डाले।

भारत ने जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की बैठक में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने एक-एक मुद्दे पर पाकिस्तान को जवाब देते हुए बेहद कड़े शब्दों में कहा है कि कश्मीर भारत का था, है और हमेशा रहेगा। इस पर बौखलाए पाकिस्तान से अब जवाब आया है।

पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने क्या क्या कहा

भारत के जवाब में पाकिस्तानी फर्स्ट सेक्रेटरी अदील मुमताज खोखर ने जिनेवा में मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र में कई बातें कही हैं। उन्होंने सीधेतौर पर भारत को घेरने की कोशिश है। जिनेवा स्थित पाकिस्तानी मिशन के अनुसार, खोखर की ओर से ये बड़ी बातें कही गई हैं-

  • कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एक विवादित क्षेत्र बना हुआ है। भारत के गुमराह करने वाले दावे और एकतरफा कदम इस सच्चाई को नहीं बदल सकते।
  • संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने निर्दोष कश्मीरियों की गैर-न्यायिक हत्याओं, मनमाने ढंग से गिरफ्तारी और यातना की घटनाएं दर्ज की हैं। आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) ने भारतीय सुरक्षा बलों को खुली छूट दी है।
  • दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और समावेशिता का तथाकथित मॉडल होने के भारत के दावों की पोल उसके अपने ही रिकॉर्ड से खुल जाती है। भारतीय जनता पार्टी से लगातार तीन आम चुनावों (2014, 2019 और 2024) में एक भी मुस्लिम सांसद नहीं चुना गया है।
  • भारत ने जमकर लताड़ा

    भारत ने बीते हफ्ते संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा था। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान ने इतिहास को गलत तरीके से पेश करने और मनगढ़ंत आंकड़े देने का काम किया है। पाकिस्तान को याद दिलाने की जरूरत है कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा।


  • त्यागी ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर का जो हिस्सा विदेशी कब्जे में है, वह पाकिस्तान के पास है और हम उससे इसे खाली करने की मांग करते हैं। पाकिस्तान को पीओके से अपना गैरकानूनी कब्जा खत्म करना चाहिए। त्यागी ने पाकिस्तान के कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों को भी मनगढ़ंत और प्रोपेगैंडा बताते हुए खारिज कर दिया।