Spread the love

नागोया: जापान के नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारत को आर्चरी से बहुत बड़ी खुशखबरी मिली है। भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। यह इन खेलों में भारत का 7वां गोल्ड मेडल है। तनिपार्थी चिकिता, प्रदीप प्रीतिका और वेन्नम ज्योति सुरेखा की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल मुकाबले में चीन को 238-234 के अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया के 238 अंकों के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।

आखिरी दौर में दागे लगातार 6 परफेक्ट ’10’

फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां भारतीय तीरंदाजों ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी। भारत ने पहले एंड में सटीक निशाना साधते हुए 30-27 से 3 अंकों की बढ़त हासिल कर ली। दूसरा एंड में चीन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने 2 अंकों की अपनी बढ़त कायम रखी। तीसरे एंड तक भारत 2 अंकों से आगे चल रहा था और दबाव पूरी तरह चीनी टीम पर आ गया।

आखिरी दौर में भारतीय तीरंदाजों ने अद्भुत संयम और महारत का प्रदर्शन किया। भारत ने लगातार 6 के 6 शॉट्स 10 पॉइंट पर दागे (10, 10, 10, 10, 10, 10) और कुल 238 का स्कोर खड़ा कर दिया। जवाब में चीनी टीम 234 अंकों पर ही सिमट गई।

तीरंदाजी में गोल्डन शुरुआत

पिछले एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों ने कुल 5 गोल्ड मेडल जीते थे। 2026 के एशियाई खेलों में भी महिला टीम के इस गोल्ड मेडल के साथ ही तीरंदाजी में भारत का गोल्ड का खाता खुल गया है। दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम को सेमीफाइनल में हराने के बाद चीन को फाइनल में एकतरफा मात देना भारतीय तीरंदाजी के दबदबे को दर्शाता है। भारत को इस इवेंट में अभी और भी मेडल की उम्मीद है। जिससे भारत की रैंकिंग में भी काफी सुधार हो सकेगा।