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संत हिरदाराम नगर। संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर इंदौर-नागपुर वंदे भारत सहित आधा दर्जन से अधिक ऐसी ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं हैं जो यहां से गुजरती तो हैं पर स्टॉपेज नहीं है। कई बार यह ट्रेनें स्टेशन के पास ही खड़ी कर दी जाती हैं पर स्टॉपेज नहीं होने के कारण यात्री न तो इनमें सवार हो सकते हैं पर उतर सकते हैं। हाल ही में रेल उपयोग कर्ता सलाहकार समिति की बैठक में भी यह मामला उठाया गया था।

रेल सुविधाओं के लिए संगठन करने वाले संगठन लंबे समय से यहां से गुजरने वाली ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग कर रहे हैं। संत हिरदाराम नगर स्टेशन से वैसे तो कई ऐसी ट्रेन हैं जो यहां से गुजरती हैं पर रुकती नही हैं। रेल सुविधा संघर्ष समिति इनमें से आधा दर्जन ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही है।समिति के अध्यक्ष परसराम आसनानी का कहना है किरेल प्रशासन को स्टेशन को विकसित करने के साथ ट्रेनों के स्टापेज पर भी ध्यान देना चाहिए। हाल ही में स्टेशन को जंक्शन घोषित किया गया है। समिति इस बारे में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर चुकी है। हाल ही में रेल उपयोग कर्ता सलाहकार समिति की बैठक में भी ट्रेनों के स्टापेज का मामला उठाया गया था।

प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज

रूरी वलसाड़-पुरी एक्सप्रेस अक्सर भोंरी-बकानिया से संत हिरदाराम नगर स्टेश के बीच 10 से 15 मिनट तक खड़ी रहती है। इसी तरह पटना-इंदौर एवं इंदौर-पटना एक्सप्रेस एवं बीकानेर-बिलासपुर ट्रेन भी अक्सर आउटर पर खड़ी रहती है। भगत की कोठी एक्सप्रेस यहां से गुजरती है पर रुकती नहीं है। इनका स्टॉपेज आसानी से संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर किया जा सकता है। यहां के नागरिक इन ट्रेनों को दो मिनट तक अधिकृत रूप से स्टॉपेज की मांग करते रहे हैं।

विकास के साथ स्टॉपेज जरूरी

स्टेशन के विकास के साथ यात्री ट्रेनों का स्टापेज भी जरूरी है। रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति की बैठक में यह मामला उठाया था। सांसद आलोक शर्मा भी चाहते हैं संतनगर स्टेशन से दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी बढ़े। हमनें बैठक में स्टापेज का मामला उठाया था। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। कृष्ण मोहन सोनी, सदस्य क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति।