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नई दिल्ली: आयरलैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को मिली 2-0 की ऐतिहासिक हार के बाद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पूर्व चीफ सेलेक्टर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने इस हार के लिए टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा को आड़े हाथों लिया है। श्रीकांत ने तिलक पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर सेल्फिश बल्लेबाजी करने और मैच में हीरो बनने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

तिलक वर्मा ने की खराब बल्लेबाजी

इस सीरीज में भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी उसका मिडिल ऑर्डर रहा। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ तिलक वर्मा का संघर्ष साफ नजर आया। साल 2024 के आईपीएल के बाद से ही स्पिनरों के खिलाफ तिलक के आंकड़े लगातार गिरे हैं। उनकी इसी कमजोरी के कारण हाल ही में संपन्न हुए 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम मैनेजमेंट का उन पर से भरोसा डगमगाया था जहां उन्हें मिडिल ऑर्डर से डिमोट करके एक फिनिशर के तौर पर आजमाया गया था। बेलफास्ट में भी तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल की खराब स्ट्राइक रेट के कारण भारतीय टीम पावरप्ले में मिली अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी।

दूसरे टी20 में भी मैच नहीं कर पाए खत्म

सीरीज के दूसरे टी20 मैच में जब भारत 155 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहा था, तब महज 19 रन पर 3 विकेट गिर जाने के बाद तिलक क्रीज पर आए थे। एक छोर से लगातार विकेट गिरते देख तिलक पूरी तरह से बैकफुट पर आ गए और उन्होंने बेहद धीमी बल्लेबाजी की। हालांकि उन्होंने मैच को आखिरी ओवर तक खींचा लेकिन अंत में वे जरूरी रन गति से रन नहीं बना सके और भारत को बेहद करीबी 1 रन से हार का सामना करना पड़ा।

दिग्गज ने उठाए सवाल

तिलक वर्मा की इस धीमी पारी पर गुस्सा जाहिर करते हुए कृष्णमाचारी श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘आप उस तरह से नहीं खेल सकते जैसे भारत ने मिडिल ओवर्स में खेला, खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल ने। इन सभी का स्ट्राइक रेट बेहद खराब था। आपको बीच के ओवरों में थोड़ी देर पारी को संभालना होता है और फिर आक्रामक शॉट खेलने होते हैं। अगर आप मिडिल ओवर्स में ही फेल हो जाएंगे तो मैच वहीं खत्म हो जाएगा।’

अपने लिए खेलते हैं तिलक वर्मा

तिलक के रवैये पर सीधा निशाना साधते हुए श्रीकांत ने आगे कहा, ‘तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे और सिंगल-डबल लेकर रन चुरा रहे थे। उन्होंने मैच को आखिरी तक ले जाने और खुद हीरो बनने की कोशिश की। उन्होंने सोचा कि वह अंत में मैच जिताएंगे और अपनी जर्सी उठाकर जश्न मनाएंगे। ऐसे टारगेट को एक ओवर पहले ही चेज कर लेना चाहिए न कि मैच को आखिरी गेंद तक खींचना चाहिए।’