नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से बैंकों और फाइनैंशल टेक्नॉलजी कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा निवेश करने में मदद मिलेगी और इस निवेश के फायदे UPI का उपयोग करने वाले सभी लोगों को मिलेंगे। उन्होंने संसद में पेश किए गए एक संशोधन विधेयक का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिसको लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ऐसा अमेरिकी दबाव में किया गया।
अभी नहीं हुआ है फैसला
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस पर कहा, यह विधेयक MDR लगाने का रास्ता खोलता है, जिसे भविष्य में आसानी से सभी प्रकार के डिजिटल भुगतान पर लागू किया जा सकता है। इसका बोझ आम लोगों पर पड़ेगा। सीतारमण ने कांग्रेस नेता के बयान पर कहा, ‘अफवाह फैलाने से पहले इन बातों पर ध्यान देना चाहिए। MDR केवल मर्चेंट्स पर लागू होता है, यूजर्स या कंस्यूमर्स पर नहीं। अभी NPCI की अगुवाई वाली UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने MDR पर फैसला भी नहीं किया है। संसद से संशोधन विधेयक पास होने के बाद ही इस बारे में कोई फैसला होगा।’
REIT और InvIT से डिविडेंड पर नहीं लगेगा टैक्स
लोकसभा में गुरुवार को टैक्सेशन एंड अदर लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास हो गया। इस बिल में एक बदलाव ऐसा है जो सीधे तौर पर REIT और InvIT के बिजनेस ट्रस्ट (SPV) से जुड़ा है। पहले का नियम यह था कि अगर किसी ट्रस्ट ने ओल्ड टैक्स रीजीम चुनी थी, तो उसके यूनिट-होल्डर्स (निवेशकों) को डिविडेंड पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था।



