भोपाल। आवासीय परियोजनाओं की विभिन्न अनुमतियों और उपभोक्ताओं के हितों की चिंता करने वाले राज्य भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में अध्यक्ष का पद पौने तीन माह से रिक्त हैं। एपी श्रीवास्तव का कार्यकाल मार्च में समाप्त हो चुका है। वहीं, रेरा के सदस्य एसएस राजपूत का कार्यकाल भी छह जून को समाप्त हो गया। अब केवल एक सदस्य रश्मि अग्रवाल हैं।वहीं, रेरा के निर्णय के विरुद्ध अपील सुनने वाले अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष का पद भी मार्च से ही रिक्त है। यहां सेवानिवृत्त न्यायाधीश वीपीएस चौहान अध्यक्ष थे।
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार से किया अनुरोध
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार से अनुरोध किया है कि अध्यक्ष के चयन के लिए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में बैठक की जानी है, जिसके लिए समय दिलाया जाए। प्रदेश में नई सरकार बनने पर शिवराज सरकार के समय निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में नई नियुक्ति करने के लिए पूर्व के आदेशों को निरस्त किया था।
इसमें रेरा भी शामिल था लेकिन इसकी कानूनी प्रक्रिया अलग होने के कारण ऐसा नहीं हो सका और विवाद की स्थिति बन गई। कामकाज प्रभावित हुआ।
एक सदस्य के भरोसे कामकाज
एपी श्रीवास्तव को लेकर राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (इओडब्ल्यू) में शिकायत भी हुई। आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले के बीच कार्यकाल समाप्त होने से 23 दिन पहले अध्यक्ष ने सदस्य एसएस राजपूत और रश्मि अग्रवाल के बीच कर दिया और अवकाश पर चले गए।
31 मार्च को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया। रेरा में अब केवल एक मात्र सदस्य रश्मि अग्रवाल हैं। इस कारण से कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
हाई कोर्ट भी इस मामले में जल्द नियुक्ति के निर्देश दे चुका है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग अध्यक्ष पद के लिए नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक सेवानिवृत्त हुए मुख्य सचिव वेतनमान वाले अधिकारियों के नाम भेज चुका है।
चयन समिति की बैठक कराने के लिए हाई कोर्ट से अनुरोध किया गया है क्योंकि समिति के अध्यक्ष मुख्य न्यायाधीश होते हैं। वहीं, हाई कोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश का नाम भी मांगा गया है ताकि अपीलीय न्यायाधिकरण में अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति हो सके।



