इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के दौरान एक पाकिस्तानी रेंजर की मौत के बाद हालात फिर से बिगड़ गये हैं। पीओके की पुलिस ने बताया है कि बुधवार को पीओके में बंद सड़कों को खुलवाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन के दौरान बंदूकधारियों की गोलीबारी में पैरामिलिट्री का एक जवान मारा गया और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इसके लिए आंदोलनकारी संगठन JAAC को जिम्मेदार ठहराया है।
रिपोर्ट के मुताबिक रेंजर की मौत पीओके में पिछले कई महीनों से किए जा रहे प्रदर्शन, पुलिसिया अत्याचार, सेना की गोलीबारी और प्रदर्शनकारियों की जवाबी कार्रवाई के बीच हुई है। इन झड़पों में जुलाई में शुरू हुए क्षेत्रीय चुनाव के दौरान हुई घटनाएं भी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) जो इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रही है उसने साफ कर दिया है कि प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी से नहीं डरने वाले हैं और प्रदर्शन जारी रहेगा।
पीओके में पिछले 2-3 महीनों से चल रहे प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में अभी तक 150 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। पाकिस्तान सरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक ताजा टकराव तब हुआ जब अधिकारियों ने सरसावा-थोरार-थल इलाके के आस-पास की सड़कों को खाली कराने की कोशिश की। यहां लंबे समय से लगे जाम के कारण ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ा है और खाने-पीने की चीजों की सप्लाई ठप हो चुकी है। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इसके लिए पाकिस्तानी सेना की नाकेबंदी को जिम्मेदार ठहराया है।अधिकारियों ने बयान में कहा ‘सरसावा-थोरार-थल सर्कल में सड़क खाली कराने के ऑपरेशन के दौरान प्रतिबंधित अवामी एक्शन कमेटी के हथियारबंद लोगों ने ऑटोमैटिक हथियारों का अंधाधुंध इस्तेमाल किया।’ लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आरोपों से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार की तरफ से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शनकारी हिंसा कर रहे हैं ताकि पाकिस्तानी सेना जो गोलीबारी कर रही है उसे ठहराने का उसे मौका मिल जाए।