लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने ले गई। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को कई घंटे थाने में बिठाए रहने के बाद छोड़ दिया गया। वहीं, अखिलेश यादव को समर्थकों संग छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया था।
सपा और कांग्रेस के इस प्रदर्शन से पहले अखिलेश यादव और राहुल गांधी की करीब घंटे तक बैठक चली थी। संसद परिसर में राहुल गांधी के ऑफिस में चली बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसके बारे में खुलासा नहीं हो पाया है। इस मुलाकात ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए दोनों पाटियों के बीच सीट शेयरिंग पर बातचीत की अटकलों को हवा दे दी है। गौरतलब है कि 2024 लोकसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर यूपी में चुनाव लड़ा था
संसद स्थगित होने के बाद हुई थी मुलाकात
इस मीटिंग के बाद अखिलेश यादव और राहुल गांधी प्रदर्शनकारियों छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में सड़क पर उतरे। इससे पता चलता है कि दोनों पार्टियां और उनके नेता एक-दूसरे के साथ अच्छी तरह तालमेल बिठाकर चल रहे हैं। दोनों नेताओं में मुलाकात तब हुई जब पेपर लीक और राम मंदिर चंदे की चोरी को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी।
कुछ सांसद डिंपल यादव के साथ जंतर-मंतर चले गए
कार्यवाही स्थगित होने के बाद सपा के कुछ सांसद विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए डिंपल यादव के साथ जंतर-मंतर चले गए। वहीं, अखिलेश यादव ने बाकी सांसदों के साथ राहुल गांधी से उनके ऑफिस में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज और छात्रों के घायल होने की सूचना मिली, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सक्रिय हो गए। प्रियंका गांधी ने कई छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों से संपर्क किया।



