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गुवाहाटी : असम राइफल्स ने खुफिया जानकारी के आधार पर काम करते हुए मणिपुर के कामजोंग जिले में एक सर्च ऑपरेशन चलाया। जानकारी मिली थी कि भारत-म्यांमार सीमा के पास कुछ जगहों पर हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे गए हैं और उन्हें इधर-उधर ले जाने की तैयारी चल रही है। यह ऑपरेशन 11 और 12 अप्रैल 2026 की रात के बीच किया गया था। सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने मेटल डिटेक्टर और एक विशेष प्रशिक्षित डॉग की मदद ली।

इसी दौरान एक संदिग्ध जगह की पहचान हुई, जहां जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया हथियारों का बड़ा जखीरा मिला। इसमें कई तरह के हथियार, गोलियां, विस्फोटक और अन्य युद्ध-सामग्री शामिल थी। बरामद सभी सामान को बाद में आगे की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।

तीन उग्रवादी गिरफ्तार

इसके बाद एक और बड़ी कार्रवाई में असम राइफल्स ने राज्य पुलिस कमांडो और टेरिटोरियल आर्मी के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई 16 से 19 अप्रैल 2026 के बीच थौबल, तेंगनौपाल और काकचिंग जिलों में की गई। इस दौरान तीन उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया गया।

म्यांमार से ली थी ट्रेनिंग

पकड़े गए लोग प्रतिबंधित संगठनों प्रीपैक (प्रो) और केवाईकेएल (सोरेपा) से जुड़े बताए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इन लोगों ने म्यांमार में ट्रेनिंग ली थी। इनके पास से मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई। गिरफ्तारी के बाद सभी को उनके सामान सहित पुलिस के हवाले कर दिया गया, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच हो सके।

मणिपुर में बढ़ा तनाव

इधर रविवार रात को सुरक्षा बलों ने मणिपुर के काकचिंग में हुई विशाल ‘मीरा’ (मशाल) रैली के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई में एक उग्रवादी हमले में मारे गए 5 साल के लड़के और उसकी 5 महीने की बहन के लिए न्याय की मांग कर रहे थे।

जब प्रदर्शनकारी बाज़ार लौटने के बाद काकचिंग DC कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी ने उन्हें काकचिंग कीथेल पुल पर रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया। जैसे-जैसे तनाव बढ़ा, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंककर और गुलेल का इस्तेमाल करके जवाबी कार्रवाई की।

मणिपुर में आरएएफ तैनात

हालात को काबू करने के लिए RAF के जवानों को भी तैनात किया गया था। इस झड़प में कई लोग घायल हो गए, जिनमें काकचिंग इरुम मापल की 35 वर्षीय महिला, इरेनबाम रंजीता भी शामिल थीं, जिन्हें आंसू गैस का गोला लगा था। उन्हें इलाज के लिए इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की टीम द्वारा काकचिंग जिला अस्पताल ले जाया गया, जबकि अन्य घायलों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

इससे पहले, मणिपुर पुलिस ने हाल के सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में हुई बढ़ोतरी के बाद रविवार को एक कड़ी चेतावनी जारी की थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि असामाजिक तत्व" रैलियों का फायदा उठाकर सुरक्षा कर्मियों पर जानबूझकर हमले कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक शिवकांत सिंह ने हाल के विरोध प्रदर्शनों में आए एक चिंताजनक बदलाव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जहां कई लोग न्याय के लिए मीरा रैलियों में हिस्सा लेते हैं, वहीं कुछ समूह भीड़ का इस्तेमाल अपनी गैर-कानूनी गतिविधियों को छिपाने के लिए कर रहे हैं।
‘मीरा पाइबी लुप’ ने मांग की है कि इन घटनाओं के दोषियों को 25 अप्रैल तक गिरफ्तार किया जाए। पिछले पांच दिनों से जारी बंद के कारण राज्य का जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है; प्रमुख जिलों में बाज़ार बंद हैं और सड़कों पर व्यावसायिक वाहन नहीं चल रहे हैं।