Spread the love

नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आगामी 2026/27 सीजन के लिए अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में एक ऐतिहासिक बदलाव करने का फैसला किया है। पीसीबी इतिहास में पहली बार खिलाड़ियों को उनके फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में कॉन्ट्रैक्ट बांटेगी। इस नए सिस्टम में सबसे ज्यादा फायदा टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले ट्रैक ए श्रेणी के खिलाड़ियों को होने जा रहा है जिनकी मासिक सैलरी और मैच फीस दोनों में जबरदस्त इजाफा किया गया है।

टेस्ट खिलाड़ियों पर पैसों की बारिश

पीसीबी के एक विश्वसनीय सूत्र के अनुसार टेस्ट मैच खेलने वाले मुख्य खिलाड़ियों को अब आर्थिक रूप से काफी मजबूत किया जाएगा। इस बदलाव के तहत नए ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है जिसे तैयार करने वाली समिति में रेड बॉल के मुख्य कोच सरफराज अहमद और व्हाइट बॉल के मुख्य कोच माइक हेसन भी शामिल थे। बोर्ड का पूरा ध्यान टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत करने पर है।

बोर्ड के एक अंदरूनी सूत्र ने वित्तीय बदलावों की जानकारी देते हुए बताया, ‘ट्रैक ए श्रेणी के खिलाड़ियों की टेस्ट मैच फीस अब लगभग 15 लाख (1.5 मिलियन) पाकिस्तानी रुपया होने की उम्मीद है। वहीं टैक्स कटने से पहले उनका मासिक रिटेनर 40 लाख (4 मिलियन) रुपये के दायरे में होगा। इससे पहले के कॉन्ट्रैक्ट में खिलाड़ियों को प्रति टेस्ट मैच करीब 8 लाख PKR ही दिए जाते थे।’

आईसीसी और एशिया कप जीतने पर बंपर बोनस

नए कॉन्ट्रैक्ट की सबसे खास बात यह है कि जो खिलाड़ी ट्रैक ए और ट्रैक बी दोनों में शामिल होंगे, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा होगा। ऐसे खिलाड़ियों की मासिक सैलरी लगभग 48 से 50 लाख PKR तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा, पीसीबी ने टीम का हौसला बढ़ाने के लिए बड़े टूर्नामेंट्स को जीतने पर विशेष बोनस की घोषणा की है। इसके तहत आईसीसी ट्रॉफी जीतने पर खिलाड़ियों को उनकी मैच फीस का 500 प्रतिशत और एशिया कप जीतने पर 300 प्रतिशत का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा।

बाकी ट्रैक्स पर विवाद

सीमित ओवरों के क्रिकेटर्स के लिए ट्रैक बी (वनडे और टी20) बनाया गया है, जिसके तहत खिलाड़ियों को 18 लाख PKR तक मासिक रिटेनर मिलेगा। वहीं, केवल टी20 और फ्रेंचाइजी लीग खेलने वाले खिलाड़ियों को ‘ट्रैक सी’ में रखा गया है जिन्हें महीने के 12 से 15 लाख PKR दिए जाएंगे। हालांकि, इस ऐतिहासिक सुधार के बीच पीसीबी एक नए विवाद में भी घिर गया है। ऐसी खबरें हैं कि बोर्ड इस बार कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले खिलाड़ियों के नाम और उनकी कैटेगरी को सार्वजनिक नहीं करेगा।