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वॉशिंगटन: अमेरिका ने 4 अक्टूबर को पुष्टि की है उसने ब्रिटेन के एयरबेस से अपने सभी बी-1 बॉम्बर्स को हटा लिए हैं। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने दो अज्ञात अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान समर्थित साजिश की चेतावनी बढ़ने के बाद 12 B-1 बॉम्बर को तुरंत वहां से हटा लिया गया है। ग्लॉस्टरशायर में मौजूद इस ब्रिटिश एयर बेस पर कम से कम 12 अमेरिकी बॉम्बर तैनात थे लेकिन रविवार को पेंटागन ने जल्दबाजी में इन विमानों को उनके होम बेस पर वापस बुलाने का आदेश दिया।

इनमें से कुछ विमान तो कुछ दिन पहले ही इस एयर बेस पर पहुंचे थे। इस एयर बेस का इस्तेमाल ईरान पर बॉम्बर हमले करने के लिए ‘पसंदीदा’ केंद्र के तौर पर किया जा रहा था लेकिन अमेरिका अपने इन सभी बॉम्बर्स को लेकर भाग खड़ा हुआ है। अमेरिका को डर था कि ईरान ब्रिटिश एयरबेस पर उसके बॉम्बर्स विमानों पर ‘आतंकी हमला’ करवा सकता है।

क्या ब्रिटेन में अमेरिकी बेस पर होने वाला था बड़ा हमला?

अभी तक अमेरिकी अधिकारियों ने साफ तौर पर नहीं बताया कि विमानों को क्यों हटाया गया लेकिन यह घटना RAF फेयरफोर्ड के पास ‘तीन संदिग्ध गाड़ियां’ देखे जाने के कुछ ही दिनों बाद हुई है। शुरुआत में 23 से 25 साल की उम्र के पांच लोगों को जो सभी UK के नागरिक थे उन्हें विस्फोटक से जुड़े अपराधों के शक में और बाद में आतंकवादी घटना की तैयारी के शक में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन अब उन सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

इसके बाद लंदन में UK-ईरानी मूल के 25 साल के एक व्यक्ति को आतंकवादी घटना की तैयारी के शक में गिरफ्तार किया गया और उसे भी जमानत पर रिहा कर दिया गया। आतंकवाद-रोधी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। प्रधानमंत्री एंडी बरनहम ने बताया कि इस बात के ‘मजबूत संकेत’ थे कि इसमें ईरान शामिल था हालांकि उन्होंने भी ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन तेहरान ने अपने ऊपर लगाए गये तमाम आरोपों से इनकार कर दिया है।

ब्रिटेन में मंडराया आतंकी हमले का साया

इससे पहले इस घटना से जुड़े हालात में एक और नया मोड़ तब आया जब एक संदिग्ध बम साजिश को नाकाम किया गया। ऐसा तब हुआ जब संदिग्धों में से एक ने खुद पुलिस को फोन किया था। इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद हथियारों से लैस पुलिस ग्लूसेस्टरशायर में घटना स्थल पर पहुंची और संदिग्धों को पकड़ा और उनके कपड़े उतरवाए क्योंकि उन्हें डर था कि उन्होंने सुसाइड वेस्ट यानि आत्मघाती जैकेट पहनी हो सकती है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को वाइटहॉल के सूत्रों ने इस बात का खंडन नहीं किया कि अमेरिका ने इस घटना के बाद अपने बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया था।

यह भी माना जा रहा है कि यह फैसला राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि सैन्य कारणों से लिया गया है और हो सकता है कि यह बेस पर सुरक्षा से जुड़ी नई चिंताओं के जवाब में किया गया हो। इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान के पास ऐसी क्षमताएं हैं कि वो ब्रिटेन तक हमला कर सकता है।

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि बॉम्बर विमानों को ‘उन्हीं खतरों की चेतावनियों के जवाब में हटाया गया जो तीन हफ्ते पहले सामने आई थीं लेकिन पिछले 24 घंटों में खास जानकारी और तुरंत कार्रवाई की जरूरत महसूस होने से कमांडर सतर्क हो गए थे।’ हालांकि ब्रिटिश पुलिस ने मंगलवार को बताया कि कथित आतंकी साज़िश में शामिल तीन वैन में कोई भी इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) नहीं मिला।