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बॉलीवुड एक्‍टर और सिंगर पीयूष मिश्रा जितने दमदार हैं, उतने ही दिलचस्‍प भी। वह अपनी बेबाक बयानी और जिंदगी को लेकर अपने खास विचारों के कारण अक्‍सर चर्चा में रहते हैं। अब एक हालिया इंटरव्‍यू में 64 साल के एक्‍टर ने फिल्‍ममेकर-एक्‍टर अनुराग कश्‍यप और दिग्‍गज एक्‍टर नसीरुद्दीन शाह के साथ अपने तल्‍ख रिश्‍तों पर दो टूक जवाब दिया है। अनुराग की कल्‍ट फिल्‍म ‘गैंग्‍स ऑफ वासेपुर’ में काम कर चुके पीयूष बड़े मजेदार अंदाज में कहते हैं ‘मेरी और अनुराग की नहीं बनती। मुझे जबरदस्‍त विरोध है उससे। वह बहुत ज्यादा बात करता है।’ नसीर साहब के साथ ‘मकबूल’ में काम कर चुके पीयूष उनके साथ भी अपने खराब रिश्‍तों पर भी बात की। कहा, ‘वो ना मुझे पसंद करते हैं और ना ही मैं उन्‍हें।’

इसी साल जनवरी में रिलीज फिल्‍म ‘राहु केतु’ में नजर आए पीयूष मिश्रा ने शुभंकर मिश्रा को नया इंटरव्यू दिया है। इस दौरान, जब उनसे अनुराग और इम्‍तियाज में से उनके पसंदीदा डायरेक्टर के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने इम्तियाज अली को चुना। पीयूष मिश्रा ने इम्‍त‍ियाज की फिल्‍म ‘रॉकस्‍टार’ और ‘तमाशा’ में काम किया है।

‘इम्‍त‍ियाज अली बेहतरीन डायरेक्‍टर और स्‍क्र‍िप्‍टराइटर’

पीयूष मिश्रा कहते हैं, ‘इम्तियाज अली, किसी भी दिन। वह एक बेहतरीन डायरेक्टर हैं और शानदार स्क्रिप्ट लिखते हैं। उनके साथ काम करने के बाद मुझे बहुत संतुष्टि मिलती है। अनुराग भी ऐसा करते हैं, लेकिन… मैं अनुराग कश्यप को कैसे समझाऊँ? वह इतनी ज्यादा बातें क्यों करता है? वह बेवजह अपना ही नुकसान करता है। आपको या तो अपना भला करना चाहिए या दूसरे इंसान का, लेकिन वह तो अपने बारे में भी नहीं सोचता। यही उसकी दिक्कत है।’

‘मैं और अनुराग बात नहीं करते, साथ में काम अच्‍छा करते हैं’

नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट पीयूष मिश्रा ने 2003 में ‘गुलाल’ और ‘मातृभूमि’ जैसी फिल्‍मों से पॉपुलैरिटी बटोरी। वह आगे कहते हैं, ‘अगर आप किसी चीज के खिलाफ जा रहे हैं, तो कम से कम उसका कोई नतीजा तो निकलना चाहिए। मुख्य बात यह है कि उसे पता है कि उसको कोई नतीजा नहीं मिलेगा, फिर भी वह बहुत ज्यादा बोलता है। मुझे उससे जबरदस्त विरोध है। हम मुश्किल से ही बात करते हैं। मैं उससे ज्यादा देर तक बात नहीं कर सकता, और न ही वह मुझसे। हम बातें नहीं करते, सिर्फ फिल्मों की शूटिंग करते हैं। लेकिन, हम साथ में अच्छा काम करते हैं, हम दोनों जानते हैं कि हमें क्या चाहिए। वह पहले मुझे गालियां भी देता था, लेकिन अब सिर्फ मैं ही उसे गालियां देता हूं।’

‘नसीर के साथ मेरे अच्छे रिश्ते नहीं हैं’

पीयूष मिश्रा से जब इसी बातचीत के दौरान फिल्म इंडस्ट्री में उनके खराब रिश्तों के बारे में भी पूछा गया, तो उन्होंने सिर्फ एक और एक्टर का नाम लिया – नसीरुद्दीन शाह। वह कहते हैं, ‘नसीर के साथ मेरे अच्छे रिश्ते नहीं हैं। न मुझे वह पसंद हैं, न उन्हें मैं। और अगर दोनों लोग एक-दूसरे को पसंद नहीं करते, तो यह बात न करने के लिए एक बेहतरीन मौका बन जाता है, क्योंकि आप दोनों जानते हैं कि आप एक-दूसरे को पसंद नहीं करते, इसलिए बात करने की कोई जरूरत ही नहीं है।’

गायक, गीतकार पीयूष मिश्रा और उनका म्‍यूजिकल टूर ‘बल्‍लीमारान: आरंभ 2.0’

ग्‍वालियर में पैदा हुए पीयूष मिश्रा एक बेहतरीन गायक और गीतकार भी हैं। उन्हें साल 2004 में रिलीज ‘ब्लैक फ्राइडे’ में उनके गीत ‘अरे रुक जा रे बंदे’, साल 2009 में आई ‘गुलाल’ में ‘आरंभ है प्रचंड’, साल 2012 में ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के गाने ‘इक बगल’ और साल उसी साल कोक स्टूडियो में ‘हुस्ना’ जैसे बेहतरीन गीतों के लिए जाना जाता है। इन दिनों वह अपने 2026 के म्यूजिकल टूर ‘बल्लीमारान – द पीयूष मिश्रा प्रोजेक्ट: आरंभ 2.0’ में व्यस्त हैं। इस लाइव कॉन्सर्ट में, वह अपने संगीत, कविता और थिएटर-शैली की परफॉर्मेंस का जादू बिखेरने के लिए देश के अलग-अलग शहरों का दौरा कर रहे हैं।