भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बल्क वेस्ट जनरेटरों (ज्यादा कचरा पैदा करने वाले स्रोतों) के लिए नए नियम लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी कॉलोनी में रोजाना 100 किलो या उससे अधिक कचरा पैदा होता है और उसका सही तरीके से निपटान नहीं किया जाता, तो वहां की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) पर प्रदूषण फैलाने का आपराधिक केस दर्ज होगा। इसके साथ ही समिति पर 5 लाख रुपये या उससे अधिक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
जुर्माने का भुगतान या संपत्ति कुर्क
हाल ही में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम में इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अब तक नगर निगम को बल्क वेस्ट जनरेटर पर केवल 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का अधिकार था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सॉलिड वेस्ट का निष्पादन नहीं करने पर 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, सीवेज का ट्रीटमेंट न करने पर यह राशि कई गुना बढ़ जाएगी।
यदि कोई कॉलोनी इस जुर्माने का भुगतान नहीं करती है, तो उसकी सार्वजनिक संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है। कुछ गंभीर मामलों में प्रकरण पर्यावरण विभाग के सचिव स्तर तक भी भेजे जाएंगे।
आदमपुर छावनी केस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बदली गाइडलाइन
यह सख्त नियम आदमपुर छावनी खंती में कचरे के पहाड़ खड़े होने और वहां फैले भारी प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लागू किए जा रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय के आधार पर पूरे देश के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के तहत बनी इस गाइडलाइन में पहली बार आम जनता के साथ-साथ अफसरों और जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेदार बनाया गया है।
1 माह में SDM के पास कराना होगा समिति का रजिस्ट्रेशन
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि जिन कॉलोनियों में अभी तक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) पंजीकृत नहीं हैं, वहां एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की होगी। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को इसका सर्वे कराकर नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल की 900 कॉलोनियां आएंगी दायरे में, लागू होगा ‘3R’ नियम
भोपाल की 900 से ज्यादा ऐसी बड़ी कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं जहां रोजाना 100 किलो या उससे अधिक कचरा निकलता है। इन सभी कॉलोनियों में अब 3R (रिसायकल, रिड्यूस और रियूज) का नियम अनिवार्य रूप से लागू होगा।



