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नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 यानी कि प्री-क्वार्टर फाइनल के एक बेहद हाई-वोल्टेज मुकाबले में FIFA ने अचानक बड़ा बदलाव किया है। मेजबान मेक्सिको और इंग्लैंड के बीच होने वाले इस नॉकआउट मैच के समय को आगे बढ़ा दिया गया है। भारतीय समयानुसार यह मैच अब रविवार रात 11:30 बजे से खेला जाएगा, जबकि पहले इसके शुरू होने का समय सोमवार सुबह 05:30 बजे तय था। हालांकि, समय बदलने के बावजूद यह मुकाबला मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज्टेका स्टेडियम में ही खेला जाएगा।

FIFA ने नहीं बताई कोई वजह

फीफा ने इस बदलाव की कोई आधिकारिक वजह तो नहीं बताई है, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मैच के मूल समय के दौरान मेक्सिको सिटी में भारी बारिश और गरज के साथ तूफान आने की आशंका है। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, यदि स्टेडियम के 8 मील के दायरे में बिजली कड़कती है, तो खेल को तुरंत रोक दिया जाता है और कम से कम 30 मिनट का अनिवार्य विलंब होता है। इससे पहले ग्रुप स्टेज में फ्रांस और इराक के बीच फिलाडेल्फिया में खेला गया मैच भी खराब मौसम के कारण दो घंटे से अधिक समय तक रोकना पड़ा था। फीफा के पास यह विशेष अधिकार है कि वह अपने अनुसार किसी भी मैच को रीशेड्यूल या रिलोकेट कर सकता है।

समय बदलने से टीम की तैयारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा

इंग्लैंड के स्टार विंगर मार्कस रैशफोर्ड ने इस बदलाव पर बात करते हुए साफ किया कि उनकी टीम किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है। रैशफोर्ड ने कहा, ‘एक टीम के रूप में हमारे लिए यह मायने नहीं रखता कि मैच कब है, हमारी तैयारी बिल्कुल वैसी ही रहेगी। हमें हर चुनौती के लिए ध्यान केंद्रित और तैयार रहना होगा। इस ग्रुप की सबसे बड़ी ताकत यही है कि हमारे सामने जो भी चुनौती फेंकी जाती है, हम उसके लिए तैयार रहते हैं। हां, बार-बार समय बदलना सही नहीं है, लेकिन सच कहूं तो इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।’

इंग्लैंड के सामने मेक्सिको के किला को भेदने की चुनौती

समय में बदलाव के अलावा, इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती एज्टेका स्टेडियम का वो बेमिसाल ट्रैक रिकॉर्ड और वहां का भूगोल है, जहां मेक्सिको को हराना लगभग नामुमकिन माना जाता है। मेक्सिको की टीम ने इस मैदान पर खेले अपने 89 मैचों में से केवल 2 मैचों में हार का सामना किया है। यह स्टेडियम समुद्र तल से 7,220 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इतनी ऊंचाई पर कम दबाव के कारण हवा बहुत पतली हो जाती है, जिससे खिलाड़ियों को हर सांस के साथ कम ऑक्सीजन मिलती है। इस तरह की परिस्थितियों में एथलीटों के दिल की धड़कन तेजी से बढ़ती है, सांस फूलने लगती है, डिहाइड्रेशन और बहुत जल्दी थकान होती है।

26 डिग्री तापमान बढ़ाएगा खिलाड़ियों की मुश्किल

पहले यह मैच मेक्सिको के शाम के समय होने वाला था, जहां तापमान सुहावना और लगभग 20 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद थी। लेकिन मैच को पहले शिफ्ट किए जाने के कारण अब खिलाड़ियों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि मैच के दौरान तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पतली हवा के बीच यह बढ़ा हुआ तापमान दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों की कड़ी परीक्षा लेगा।