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सवाल- मैं 38 साल का हूं और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं। पहले मैं खुद को काफी शांत स्वभाव का मानता था, लेकिन पिछले एक साल से मुझे छोटी-छोटी बातों पर बहुत गुस्सा आने लगा है।

ऑफिस में किसी से मामूली गलती हो जाए तो मैं भड़क जाता हूं। घर पर भी पत्नी, बच्चों पर टेंपर लूज कर देता हूं। जरा सी बात पर मेरी आवाज ऊंची हो जाती है। कई बार गुस्से में चीजें भी पटक देता हूं या कमरे से बाहर चला जाता हूं।

गुस्सा शांत होने पर पछतावा भी होता है। पत्नी कहती हैं कि अब घर में सब लोग मेरा मूड देखकर बात करते हैं। समझ नहीं आता कि मैं इतना गुस्सैल कब और कैसे हो गया। क्या इसके पीछे कोई मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है? मैं अपने गुस्से को कैसे नियंत्रित करूं?

एक्सपर्ट- डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर।

ज्यादा गुस्सा आना और चिड़चिड़ापन बढ़ना, सिर्फ स्वभाव हुआ बदलाव नहीं है। गुस्से के पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं। जैसेकि स्वास्थ्य से लेकर जीवन की स्थितियों में कोई बड़ा बदलाव हो सकता है। इसलिए यहां समस्या के मूल कारण को समझने और उसे ठीक करने की जरूरत है।

गुस्सा बढ़ने के संभावित कारण

गुस्सा अपने आप में कोई मानसिक बीमारी नहीं है। यह एक सामान्य भावना है। यह समस्या तब बनती है, जब गुस्सा बार-बार आए, बहुत तेज हो, उस पर नियंत्रण न रहे या उसका असर काम और रिश्तों पर पड़ने लगे।

क्या गुस्से की वजह डिप्रेशन है?

डिप्रेशन का मतलब हमेशा उदास रहना या रोते रहना नहीं होता। कुछ पुरुषों में यह चिड़चिड़ेपन और गुस्से के रूप में भी दिखाई दे सकता है। इसके साथ कुछ और बदलाव भी नजर आ सकते हैं, जैसेकि–

  • छोटी बातों पर बहुत ज्यादा गुस्सा आना।
  • हर समय काम में डूबे रहना।
  • पहले पसंद आने वाली चीजों में रुचि कम होना।
  • लोगों से दूर होने लगना।
  • रात में नींद न आना।
  • हर समय थकान महसूस होना।
  • खुद को दोष देना
  • शराब का सेवन बढ़ना

क्या गुस्से की वजह ऑफिस स्ट्रेस है?

अगर पिछले एक साल में काम से जुड़ी परिस्थितियां बदली हैं तो उस पर भी ध्यान दें। खुद से पूछें कि क्या ऐसा कुछ आपके साथ हो रहा है–

  • काम का बोझ पहले से बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
  • काम के घंटे बढ़ गए हैं।
  • हर समय डेडलाइन का दबाव रहता है।
  • काम को लेकर फैसला लेने की आजादी कम हो गई है।
  • बॉस या सहकर्मियों से सहयोग नहीं मिल रहा है।
  • ऑफिस में विवाद या अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
  • आपकी जिम्मेदारियां साफ नहीं हैं या बार-बार बदलती रहती हैं।
  • नौकरी को लेकर असुरक्षा महसूस होती है।
  • ऑफिस की परेशानियां घर आने के बाद भी दिमाग में चलती रहती हैं।

जब पूरा परिवार आपका मूड देखकर बात करे

पत्नी का यह कहना एक महत्वपूर्ण संकेत है कि घर में सब लोग आपका मूड देखकर बात करते हैं। इसका मतलब है कि परिवार आपके गुस्से को लेकर सतर्क रहने लगा है। हालांकि इसका असर बच्चों पर भी पड़ सकता है। वे-

  • ज्यादा डरने या चुप रहने लग सकते हैं।
  • आपसे अपनी बात कहने से बच सकते हैं।
  • यह मान सकते हैं कि उनके कारण पापा नाराज हुए।
  • उनकी नींद, पढ़ाई पर नेगेटिव असर पड़ सकता है।

क्या ये गुस्सा सहना परिवार की जिम्मेदारी

जैसाकि आपने सवाल में लिखा है कि आप गुस्से में चीजें पटक देते हैं। यह एक गंभीर बात है। भले ही आपने किसी व्यक्ति को चोट न पहुंचाई हो, लेकिन ऐसा व्यवहार सामने वाले को डरा सकता है।

इसलिए अपने गुस्से के कारण को समझना और उसे ठीक करना आपकी जिम्मेदारी है। परिवार से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे आपके गुस्से को संभालें या आपको शांत करें। यह आपकी जिम्मेदारी है।

आपको गुस्सा क्यों आ रहा है

करें सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट

मैं यहां आपको तीन सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। पिछले दो हफ्तों को ध्यान में रखकर आपको इन तीनों टेस्ट के सवालों का जवाब देना है। पहले दो ग्राफिक्स के सवाल डिप्रेशन और वर्क स्ट्रेस से जुड़े हुए हैं। ये टेस्ट आपको ये समझने में मदद करेगा कि गुस्सा बढ़ने का कारण क्या है।

तीसरे ग्राफिक के सवाल आपको ये समझने में मदद करेंगे कि क्या आपका गुस्सा एक खतरनाक लेवल पर पहुंच रहा है। तीनों ग्राफिक्स के सवालों को ध्यान से पढ़ें और 0 से 3 के स्केल पर रेट करें। स्कोर की एनालिसिस भी ग्राफिक के बाद दी गई है।