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 भोपाल। मध्य प्रदेश में विदेशी निवेश अब केवल एमओयू तक सीमित न रहकर धरातल पर साकार हो रहा है। स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड और इंडो-जर्मन सहयोग सहित आठ देशों की 10 प्रमुख कंपनियों की 28 हजार 200 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएं प्रदेश में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कांक्लेव 3.0 में दी।

इन प्रमुख विदेशी परियोजनाओं पर तेजी से चल रहा काम

  • मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें स्पेन की सबमर इंडिया प्रालि द्वारा भोपाल में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये (यूएसडी दो बिलियन डॉलर) के एआइ-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना, कनाडा की मैक्केन फूड की 3,800 करोड़ रुपये की फूड प्रोसेसिंग इकाई, यूनाइटेड किंगडम की हेलियन (जीएसके) की तीन हजार करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स परियोजना और जापान की टोपान स्पेशियलिटी फिल्म्स की 1,100 करोड़ रुपये की स्पेशियलिटी फिल्म्स इकाई शामिल है।
  • एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाली इन परियोजनाओं के साथ अमेरिका ट्रूयर स्पिलट वाटर्स की रिन्यूएबल्स एनर्जी की 500 करोड़ रुपये की नवकरणीय ऊर्जा परियोजना, दक्षिण कोरिया की बू यंग स्कीकार्प की 225 करोड़ रुपये की लेदर एवं फुटवियर इकाई, एफीबार की 207 करोड़ रुपये का मेडिकल डिवाइस पार्क, आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स की 134 करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स इकाई, यूनाइटेड किंगडम की क्लिनीसप्लाइज की 127 करोड़ रुपये की मेडिकल डिवाइस पार्क और इंडो-जर्मन सहयोग से टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रालि की 126 करोड़ रुपये की टेक्सटाइल इकाई के कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं।
  • पारस सेमीकंडक्टर्स करेगी 6,000 करोड़ रुपये का निवेश

    • पारस सेमीकंडक्टर्स के सीईओ संतोष कुमार ने कहा कि उनकी कंपनी पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा मध्य प्रदेश में भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओसेट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई की स्थापना के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
  • सीटीआरएलएस के रणनीति प्रमुख सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि मध्य प्रदेश की तीनों टेक ग्रोथ कांक्लेव का हिस्सा बनना उनके लिए सुखद अनुभव रहा है। एस्टेरा लैब्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (आईटी) एवं प्रबंध निदेशक शिवानंद आर. कोटेश्वर ने कहा कि मध्य प्रदेश भविष्य में अंतरिक्ष (स्पेस) में डेटा सेंटर स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य बनने की क्षमता रखता है।