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नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में मिली शर्मनाक हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर एक बार फिर मीडिया के तीखे सवालों के घेरे में आ गए हैं। इस मुकाबले में 202 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारतीय टीम महज 76 रनों पर ढेर हो गई। इस करारी शिकस्त के बाद टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की खिताबी जीत के हीरो रहे संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर करने पर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब कोच से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ किया कि उनके और सैमसन के बीच इस फैसले को लेकर पूरी स्पष्टता है लेकिन वह इस बातचीत को सार्वजनिक नहीं करेंगे।

संजू सैमसन को लेकर क्या बोले गंभीर?

आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में संजू सैमसन का बल्ला शांत रहा था जिसके बाद मैनेजमेंट ने उन्हें ड्रॉप करके 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया। हालांकि, सूर्यवंशी भी अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं।

सैमसन को बाहर करने के फैसले का बचाव करते हुए गौतम गंभीर ने कहा, ‘संजू सैमसन को जिस क्लैरिटी की जरूरत थी वह मेरी तरफ से उन्हें दे दी गई है। यह बातचीत पूरी तरह से खिलाड़ी और हेड कोच के बीच की है जो कभी भी बाहर नहीं आएगी। संजू को लेकर हमारा रुख बिल्कुल साफ है। उन्होंने भारत के लिए जो किया है वह अद्भुत है लेकिन कभी-कभी आपको खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को भी देखना होता है। ऐसा कोई कड़ा नियम नहीं है कि वह इस सीरीज में वापसी नहीं कर सकते।’

लगातार फेल हो रही भारतीय टीम

हेड कोच ने इस बात पर जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी के इर्द-गिर्द नहीं बल्कि सही टीम संयोजन के आधार पर चलता है। उन्होंने बताया कि मैनेजमेंट को वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा था इसलिए यह बदलाव किया गया। हालांकि, गंभीर ने हार का ठीकरा किसी एक खिलाड़ी पर फोड़ने के बजाय पूरी टीम की सामूहिक विफलता को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरे पर आयरलैंड से लेकर इंग्लैंड तक भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह से ताश के पत्तों की तरह बिखरी नजर आई है।

हमने 4 मैच से नहीं खेला अच्छा क्रिकेट

टीम के चयन पर बात करते हुए गंभीर ने कहा, ‘इंटरनेशनल क्रिकेट का सीधा संबंध नतीजों से है। हमें जो भी कॉम्बिनेशन सबसे बेहतर नतीजे दे सकता है हम उसी प्लेइंग इलेवन के साथ मैदान पर उतरते हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हर खिलाड़ी को भारतीय टीम में अपनी जगह और खेलने का अधिकार खुद कमाना होगा। जहां तक परिस्थितियों के अनुकूल ढलने का सवाल है तो यह सच है कि हम इसमें नाकाम रहे हैं। चाहे आयरलैंड हो या इंग्लैंड, अगर हमने बेहतर क्रिकेट खेला होता तो शायद हमें लगातार चार मैचों में हार का सामना नहीं करना पड़ता।’