नई दिल्ली: देश में चांदी का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाली कंपनी हिंदु्स्तान जिंक के शेयरों में आज भारी गिरावट आई। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार इस कंपनी में अपनी 2% तक की हिस्सेदारी ₹5,000 करोड़ तक में बेचने की योजना बना रही है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों के मुताबिक इस कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 28% थी। अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता की इसमें लगभग 61% हिस्सेदारी थी।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। कंपनी का शेयर आज करीब 6% गिरकर 567.20 रुपये पर आ गया। पिछले सत्र में यह 603.75 रुपये पर बंद हुआ था। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप भी करीब 2.40 लाख करोड़ रुपये रह गया। वेदांता का शेयर भी 4% से अधिक गिरकर ₹312.35 पर आ गया।
कंपनी के शेयरों की चाल
पिछले हफ्ते सरकार ने कोल इंडिया में 2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग $531 मिलियन जुटाए थे। इसी हफ्ते एनएचपीसी में 6% हिस्सेदारी बेचकर सरकार को $450 मिलियन मिले थे। अब सरकार हिंदुस्तान जिंक और एलआईसी में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में एक हफ्ते में 9% से ज्यादा और एक महीने में 6% की गिरावट आई है। 2026 में अब तक इसमें 6% से ज्यादा की गिरावट देखी गई है। कंपनी के शेयरों में एक साल में लगभग 17% की बढ़त हुई है।



