नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम अब 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच में भिड़ने वाली है। यह टेस्ट मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की साइकिल का हिस्सा नहीं है। लेकिन आने वाली सीरीज और बड़े मुकाबलों के लिए यह मैच काफी अहम है। इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने शुक्रवार को कहा कि साई सुदर्शन को टेस्ट क्रिकेट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने का उचित मौका नहीं मिला है और संकेत दिया कि अफगानिस्तान के खिलाफ शनिवार से यहां होने वाले टेस्ट मैच से पहले देवदत्त पडिक्कल के बजाय बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को प्राथमिकता दी जाएगी।
साई सुदर्शन होंगे टीम के नंबर 3
गंभीर ने यह भी कहा कि टीम अगस्त में श्रीलंका दौरे के लिए चार स्पिनरों को तैयार करेगी। भारत और अफगानिस्तान के बीच यह टेस्ट मैच मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है लेकिन यह आगामी सीरीज को देखते हुए टीम मैनेजमेंट तैयार करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गंभीर ने कहा, ‘साई सुदर्शन को उचित मौका नहीं मिला है। उन्होंने अधिकतर मैच इंग्लैंड में खेले और मुझे लगता है कि उन्हें उचित मौका मिलना चाहिए।’
टीम चयन पर क्या बोले गंभीर
उन्होंने कहा, ‘हम 11 (खिलाड़ियों) का चयन कर सकते हैं और साई खराब फॉर्म में नहीं हैं। उन्होंने आईपीएल में 700 से अधिक रन बनाए हैं। अगर हम साईं का आकलन चार पांच मैचों के आधार पर करेंगे तो फिर कोई ठोस राय नहीं बना पाएंगे।’ मानव सुथार और हर्ष दुबे के बीच बाएं हाथ के स्पिनर के एक स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा हैं और गंभीर ने कहा कि भारत को श्रीलंका में अगस्त में होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए स्पिन गेंदबाजी के कई विकल्प तैयार करने होंगे।उन्होंने कहा, ‘मानव और हर्ष कुछ हद तक एक जैसे खिलाड़ी हैं लेकिन उनके गेंद फेंकने के तरीके में कुछ अंतर भी हैं। इस मैच से हमें अपना चौथा स्पिनर तैयार करने में मदद मिलेगी क्योंकि हम श्रीलंका में चार स्पिनर लेकर जाएंगे।’ गंभीर ने कहा, ‘न्यूजीलैंड का दौरा करने पर हमें अलग तरह से तैयारी करनी होगी। हमारा मानना है कि हमें टेस्ट मैचों के लिए बेहतर तैयारी करने की जरूरत है।’
ऋषभ पंत पर क्या कहा?
टेस्ट उप-कप्तान के पद से ऋषभ पंत को हटाए जाने के संदर्भ में गंभीर ने कहा कि इस बल्लेबाज को उनका समर्थन हासिल है लेकिन उन्हें खेल की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने की जरूरत है। भारतीय कोच ने कहा, ‘हम ऋषभ पंत की खेल की शैली में बदलाव नहीं चाहते लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के लिए मैच की परिस्थितियों का सम्मान करना जरूरी होता है।’



