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इस्‍लामाबाद: भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जलसंधि को संस्‍पेंड कर दिया है। इससे आतंकिस्‍तान बन चुके पाकिस्‍तान की धड़कने बढ़ी हुई हैं। पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ फील्‍ड मार्शल असीम मुनीर भारत को जंग की धमकी दे चुके हैं। पाकिस्‍तान के मंत्री लगातार भारत के कदम पर चेतावनी दे रहे हैं और संयुक्‍त राष्‍ट्र जाने की बात कह रहे हैं। इस बीच पाकिस्‍तान के एक्‍सपर्ट ने शहबाज सरकार को सिंधु संधि को लेकर चेतावनी दी है। उन्‍होंने कहा कि भारत के सिंधु संधि को सस्‍पेंड करने से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने का खतरा है। वहीं भारत ने साफ कहा है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेगा। जब तक पाकिस्‍तान आतंकियों को समर्थन देना बंद नहीं करेगा तब तक भारत इस संधि को निलंबित ही रखेगा।

पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद में सिंध जल संधि को लेकर आयोजित एक सेमिनार में पाकिस्‍तानी एक्‍सपर्ट ने दावा किया है कि भारत के इस कदम से दुनियाभर में जलसंधियों को लेकर गलत संदेश जाएगा। शहबाज सरकार के जल संसाधन मंत्री मियां मुइन वत्‍तू ने अपने भाषण में कहा कि सिंधु नदी पाकिस्‍तान की धड़कन है। उन्‍होंने कहा कि सिंधु नदी के पानी की मदद से ही घर चलते हैं, खेतों में सिंचाई होती है और इस पर पाकिस्‍तान के बच्‍चों का भविष्‍य टिका हुआ है।

‘भारत संयम को कमजोरी नहीं समझे’

पाकिस्‍तानी मंत्री ने कहा कि उनका देश भारत के साझा पानी के वैध और शांतिपूर्ण इस्‍तेमाल करने का विरोध नहीं करता है। उन्‍होंने कहा कि भारत सिंधु संधि को माने और पानी के डेटा को फिर से शेयर करना शुरू करे। यह सिंधु संधि के तहत भारत की जिम्‍मेदारी है। शहबाज सरकार के मंत्री मियां मुइन वत्‍तू ने भारत को गीदड़भभकी भी दे डाली। वत्‍तू ने कहा, ‘पाकिस्‍तान के संयम को गलती से भारत कमजोरी न समझ ले।’ उन्‍होंने कहा कि भारत के इस कदम को देखते हुए पाकिस्‍तान अपनी पानी को स्‍टोर करने की क्षमता को बढ़ाएगा।

पाकिस्‍तानी जल संसाधन मंत्री ने कहा कि भारत पानी को हथियार नहीं बनाए और अपना फैसला वापस ले। पाकिस्‍तान सिंधु संध‍ि को बहाल करे और डेटा को शेयर करे। उन्‍होंने कहा, ‘भारत सिंधु नदी को जीवन की नदी बने रहने दे न कि विवाद की नदी बनाए।’ उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान सभी उपलब्‍ध राजनयिक और कानूनी कदम उठाता रहेगा। इसमें कोर्ट में सुनवाई भी शामिल है। पाकिस्‍तान के जल व‍िशेषज्ञ नसीर मेमन ने कहा कि भारत का सिंध संधि को कैंसिल करना गंभीर चिंता का व‍िषय है।