नई दिल्ली: पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल को अजीत अगरकर के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का अगला चीफ सेलेक्टर बनाने की चर्चाएं तेज हैं। बीसीसीआई उन्हें इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार मान रही है। हालांकि, इस पद को स्वीकार करने के रास्ते में एक बड़ी दिक्कत सामने आ रही है। जिसमें पार्थिव पटेल के भारी नुकसान होता नजर आ रहा है।
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मुख्य चयनकर्ता का पद हासिल करने के लिए पार्थिव पटेल को अपनी सालाना कमाई में भारी कटौती का सामना करना पड़ सकता है। जब अजीत अगरकर ने मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था, तब बोर्ड ने सैलरी 1 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये सालाना कर दी थी। चीफ सेलेक्टर के लिए बीसीसीआई के पे-स्ट्रक्चर में यही अधिकतम सीमा है, जबकि चयन समिति के अन्य सदस्यों को 90 लाख रुपये सालाना मिलते हैं। पार्थिव पटेल वर्तमान में मीडिया कांट्रैक्ट्स, कमेंट्री और कॉरपोरेट डील्स के जरिए सालाना करीब 7 से 9 करोड़ रुपये की कमाई करते हैं।
अनुभव और विजन में फिट, लेकिन कांट्रैक्ट पर फंसा पेंच
बीसीसीआई पार्थिव पटेल की क्रिकेटिंग समझ और आधुनिक टी-20 क्रिकेट के उनके अनुभव को भारतीय टीम के फ्यूचर ट्रांजिशन के लिए परफेक्ट मानती है। हालांकि, इस वित्तीय नुकसान के चलते दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। कांट्रैक्ट की बारीकियों और नियमों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल बीसीसीआई की ओर से आधिकारिक ऐलान का इंतजार किया जा रहा है।



