पटना: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सक्रियता ने कई राजनेताओं के होश उड़ा दिए हैं। खास कर वैसी योजनाएं जो बिहार विकास के नए पैमाने गढ़ने वाली हैं। यह वैसी ही योजनाएं हैं जिनके बरक्स राज्य की जनता को यह बता रहे हैं कि अगले पांच वर्षों में बिहार विकसित राज्यों में कैसे शामिल हो जाएगा? पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार से लगाव और विकसित राज्य बनाने के जुनून का जलवा जनता के बीच जरूर है, पर उनके सक्रिय होने से कई नेताओं की नींद उड़ा गई है।
सालेपुर-राजगीर निर्माणाधीन सड़क
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने पिछले मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ एक दिवसीय दौरे पर नालंदा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सालेपुर-राजगीर निर्माणाधीन सड़क परियोजना के प्रथम खंड का गहन निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी तथा वरीय अधिकारियों को कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने का निर्देश भी दिया। यह वह सड़क है जो नीतीश कुमार के उस सपने को पूरा करने वाली है जो पटना और नालंदा के बीच की दूरी को काफी कम समय में पूरी करने वाली होगी। दरअसल यह सड़क परियोजना बिहार के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद राजगीर से पटना की दूरी और यात्रा के समय में तो कमी आएगी ही, साथ ही दो घंटे में नालंदा से पटना आना संभव हो जाएगा।
नीतीश की कैमूर यात्रा
जून के प्रथम सप्ताह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चैनपुर प्रखंड अंतर्गत नौघड़ा गांव गए थे । इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यकों के कल्याण कार्यों और मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की । नीतीश कुमार ऐसा कर अपने जनसंपर्क अभियान को ताजगी दे कर जनता का विश्वास अपने प्रति कायम रखना चाहते हैं।
सांगठनिक सक्रियता
पूर्व सीएम नीतीश कुमार 9 जून को अचानक पटना स्थित जदयू कार्यालय पहुंचे और जन सुनवाई कार्यक्रम का निरीक्षण किया। पिछले कार्यक्रम में जदयू नेता सह स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार जन सुनवाई में नहीं पहुंचे थे।यह जानते नीतीश कुमार ने काफी नाराज भी हुए। हाल ही में 23 जून को नीतीश कुमार जद (यू) प्रदेश कार्यालय पहुंचे और जनता की समस्याएं सुनीं और आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आम जनता से सीधा संवाद कर उनके निवारण के लिए प्रयास भीं किए।



