नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में संकट बढ़ने से एक बार फिर कच्चे तेल की कीमत में तेजी आने लगी है। इस बीच सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है जबकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लेवी कम कर दी है। यह बदलाव 16 जुलाई यानी आज से लागू हो गया है। ग्लोबल ऑयल मार्केट में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच विंडफॉल टैक्स में यह बदलाव किया गया है। सरकार हर 15 दिन में इसकी समीक्षा करती है।
क्यों उछल रहा है कच्चा तेल?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में पिछले कुछ दिनों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड आज 0.35 फीसदी तेजी के साथ 85.25 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गईं है। ईरान युद्ध से पहले दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते आता-जाता था।रूस से कम एक्सपोर्ट और सप्लाई में रुकावटों के कारण डीजल रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने से भी फ्यूल मार्केट दबाव में रहा। सरकार ने 11 जून को औद्योगिक, कमर्शियल और संस्थागत ग्राहकों के लिए पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने पर रोक लगा दी थी। जमाखोरी और डायवर्जन को रोकने तथा रिटेल ग्राहकों के लिए सप्लाई बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया था। हालांकि 1 जुलाई से ये पाबंदियां हटा दी गईं।



