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भोपाल। राजधानी में निजी कालेज द्वारा 118 एमबीए विद्यार्थियों के नाम पर फर्जी खाते खोलकर छात्रवृत्ति के 99 लाख रुपये का हेरफेर करने का मामला सामने आया है। सीबीआई भोपाल ने मंगलवार को मामले में एफआईआर पंजीबद्ध किया है। इसमें यूको बैंक हबीबगंज शाखा की तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक प्रेमा वर्म और कालेज के अधिकारी-कर्मचारियों को आरोपित बनाया गया है।

यूको बैंक भोपाल के डीजीएम /जोनल हेड लोकेश कुमार द्वारा मार्च में की गई शिकायत की जांच के बाद सीबीआई ने प्रकरण कायम किया है। जांच में पता चला कि एक जनवरी 2020 से 31 अक्टूबर 2021 के दौरान, यूको बैंक की हबीबगंज शाखा में एकेडमी आफ मैनेजमेंट, भोपाल के एमबीए छात्रों की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर 118 वचत खाते खोले गए।इसके बाद, सरकार से मिली स्कालरशिप की राशि इन खातों में जमा कराई गई, जिसे आरोपितों ने हड़प लिया। जांच में कालेज से जुड़े विनय मल्होत्रा, आदित्य मल्होत्रा, मनोज जैन, राम सिंह वर्मा व विनेश मेश्राम की शुरुआती भूमिका सामने आई। सीबीआइ ने प्रेमा वर्मा के साथ इन सभी को आरोपित बनाया है।

इन्होंने खाते खुलवाने और उनमें अपने मोबाइल लिंक कराने, एटीएम कार्ड लेने और धोखाधड़ी से राशि निकालने का काम किया। खाता खुलवाने में फर्जी दस्तावेज और जाली हस्ताक्षरों का उपयोग किया था। बैंक ने अनिवार्य केवायसी सत्यापन नहीं कराया।

डिजिटल अरेस्ट मामले में हरियाणा का आरोपित गिरफ्तार

सीबीआइ ने भोपाल के एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 25 लाख 65 हजार रुपये ठगने के आरोप में हरियाणा के करनाल में रहने वाले व्यक्ति को गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भोपाल के साइबर पुलिस थाने से सीबीआइ को स्थानांतरित किया गया था।