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नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय की अगुवाई वाली टीवीके (TVK) सरकार ने अपने शुरुआती फैसलों से राज्य की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही विजय ने पारदर्शिता को अपनी सरकार का सबसे बड़ा हथियार बनाया है। इसका सबसे बड़ा फायदा सरकारी खजाने को मिल रहा है और सरकारी पैसों की भारी बचत हो रही है। इससे तमिलनाडु के कर्जे का दबाव कम होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पंख लगेंगे।

सरकारी टेंडर में बड़ा बदलाव

पहले सरकारी ठेकों (Tenders) में कुछ गिने-चुने ठेकेदारों का दबदबा रहता था, जिससे वे मनमाने दामों पर काम लेते थे। मुख्यमंत्री विजय ने इस सिस्टम को बंद कर दिया और ओपन कॉम्पिटिटिव बिडिंग यानी खुली बोली शुरू की। अब कोई भी योग्य ठेकेदार इसमें हिस्सा ले सकता है।

इस फैसले का असर यह हुआ कि चेन्नई नगर निगम (GCC) के तहत सड़कों के काम के लिए ठेकेदारों ने सरकारी बजट से 25 से 30 प्रतिशत कम कीमत में काम करने की बोली लगाई है। पहले यही काम तय बजट से भी ज्यादा पैसों में दिए जाते थे।