बीजिंग: चीन के एक तेल टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया है। शिपिंग डाटा के आधार पर मंगलवार सुबह पता चला है कि अमेरिका की ब्लैक लिस्ट में शामिल चीनी टैंकर रिच स्टैरी ने होर्मुज जलडमरूमध्य का रूट अपनाया है। चीन के जहाज के इस रूट से निकलने ने इसलिए ध्यान खींचा है क्योंकि अमेरिका ने सोमवार से होर्मुज की नाकेबंदी कर दी है। चीन ने होर्मुज को ब्लॉक करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के तुरंत बाद ही कह दिया था कि वह इसे नहीं मानेगा। चीन ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने एक नई चुनौती पेश की है।
कैपलर, एलएईजी और लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप के शिपिंग डेटा के अनुसार, ब्लैकलिस्टेड चीनी टैंकर ने अमेरिकी नाकेबंदी को धता बताते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया है। चीन का रिच स्टैरी अमेरिकी नाकेबंदी के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर खाड़ी से बाहर निकलने वाला पहला ऑयल टैंकर है। डाटा से पता चलता है कि इस टैंकर पर चीनी क्रू मौजूद है।
जहाज में लदा है मेथनॉल
रिच स्टैरी ऑयल टैंकर और इसका मालिकाना हक रखने वाली कंपनी शंघाई शुआन शिपिंग लिमिटेड पर ईरान के साथ व्यापार करने के लिए अमेरिका ने बैन लगा रखा है। रिच स्टैरी एक मीडियम-रेंज का टैंकर है, जिसमें करीब 250,000 बैरल मेथनॉल लदा हुआ है। इसने अपना कार्गो संयुक्त अरब अमीरात के हमरियाह बंदरगाह से लोड किया है।
चीनी रक्षा मंत्री दे चुके सख्त संदेश
चीन के रक्षा मंत्री ने साफ-साफ कहा है कि उनका देश अमेरिका की होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी को नहीं मानता है। चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने कहा है कि बीजिंग के ईरान के साथ व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम इन समझौतों का पूरा सम्मान करेंगे। ऐसे में कोई अन्य देश (अमेरिका) हमारे मामलों में दखल ना दे।
डोंग जून ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रूट चीनी जहाजों के लिए खुला रहेगा। चीनी जहाज ईरान के साथ हुए समझौतों के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से पहले ही तरह ही आना-जाना जारी रखेंगे। जून ने अमेरिका को साफ संकेत दिया है कि अगर होर्मुज से गुजरने वाले चीनी जहाजों को रोका तो टकराव हो सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का अहम समुद्री रूट है। खाड़ी देशों से दुनियाभर में खासतौर से एशिया के बड़े हिस्से में इसी रूट से तेल और गैस पहुंचता है। अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने इस समुद्री गलियारों को नियंत्रण में लिया है। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के जहाजों को इससे ना गुजरने देने की धमकी दी है। इसने क्षेत्र में एक नया तनाव पैदा कर दिया है।



