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नई दिल्‍ली: दुनिया में उथल-पुथल मची है। इसका कारण अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्‍यापार तनाव है। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ टैरिफ की दीवार खड़ी कर चुके हैं। उनके बीच अब व्‍यापार करीब-करीब नामुमकिन जैसा हो गया है। लेकिन, इस रस्‍साकशी में भारत पार्टी नहीं बनना चाहता है। उसका पूरा फोकस अपनी प्राथमिकताओं पर है। यही कारण है कि वह सभी बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के साथ संतुलन बनाकर चल रहा है। एक तरफ जहां वह अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मिली 90-दिनों की टैरिफ मोहलत में अमेरिका के साथ बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (बीटीए) को अमलीजामा पहनाने की कोशिश में जुट गया है। वहीं, अपने पूराने दोस्त रूस के साथ भी रिश्‍तों को जोड़कर रखा है। रूस के साथ भारत की कई प्रोजेक्‍टों पर बात हो रही है।