नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार के साथ सब्सिडी और इंसेंटिव से जुड़े विवादों के चलते दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी बजाज ऑटो अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के अगले विस्तार को राज्य से बाहर ले जाने की तैयारी में है। सीएनबीसी-टीवी18 के मुताबिक इस रेस में तमिलनाडु सबसे आगे चल रहा है।
अगर यह कंपनी तमिलनाडु में आती है तो यह सी. जोसेफ विजय ( थलपति विजय ) सरकार के लिए बड़ा मौका होगा। इससे प्रदेश में कई नौकरियां पैदा होंगी। इससे पहले भी कई कंपनियों ने थलापति विजय सरकार के साथ प्रदेश में बड़े निवेश और रोजगार के लिए समझौते किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला महाराष्ट्र सरकार की ईवी पॉलिसी और पैकेज स्कीम ऑफ इंसेंटिव्स (PSI) के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता (रिइंबर्समेंट) में हो रही देरी से जुड़ा है। महाराष्ट्र सरकार के सामने बार-बार अपनी बात रखने के बावजूद जब इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो बजाज ऑटो ने अपने अगले फेज के ईवी कैपेसिटी एक्सपेंशन के लिए अन्य राज्यों का रुख करना शुरू कर दिया है।



