नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी की झोली में एक और कंपनी गिर सकती है। यह कंपनी स्मार्ट मीटर लगाने का काम करती है। आई स्क्वायर्ड कैपिटल (I Squared Capital) इस कंपनी पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग की बिक्री की प्रक्रिया के दूसरे दौर के लिए चार-पांच बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस शामिल है।
किसका है निवेश?
पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए स्मार्ट इलेक्ट्रिक और गैस मीटर उपलब्ध कराती है। I Squared ने फरवरी 2023 में अपने ISQ ग्रोथ मार्केट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (ISQGMIF) के जरिए कंपनी में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के लिए 100 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। अब वह कंपनी से बाहर निकलने पर विचार कर रही है।अडानी एनर्जी और अप्रावा एनर्जी के प्रवक्ताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जबकि I Squared Capital और एक्टिस को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मीटर लगाने के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। कंपनी का कहना है कि वह लखनऊ और अयोध्या क्लस्टर में 51 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा कर रही है। साथ ही पश्चिम बंगाल में उसे 22 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
1.35 लाख करोड़ का निवेश
सरकार ने 2027 तक 25 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। इसमें करीब ₹1.35 लाख करोड़ के निवेश का अनुमान है। CareEdge की पिछले साल आई रिपोर्ट के अनुसार भारत में स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल अभी महज 5-6% है। यह जापान (100%) और अमेरिका (73%) जैसे विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। साथ ही 43% के ग्लोबल औसत से भी बहुत नीचे है।



