नई दिल्ली, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा- अगर 13 जून तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो मैं खुद अलग-अलग राज्यों और शहरों में प्रदर्शन के लिए जाऊंगा।
उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो देशभर के छात्र फिर से दिल्ली जाएंगे और शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। CJP ने 6 जून को जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था और परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी।
अभिजीत 6 जून को प्रदर्शन के लिए अमेरिका से भारत आए हैं। वे रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर पहुंचे। उन्होंने शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा- पिछले 10-12 साल में देश की राजनीति हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर केंद्रित रही है। इससे रोजगार नहीं मिलेगा।
24 घंटे में 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़े
कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या भी बढ़ गई है। प्रदर्शन से पहले उनके फॉलोअर्स की संख्या 2.21 करोड़ थी। 7 जून को दोपहर 3 बजे तक यह संख्या बढ़कर 2.27 करोड़ हो गई। X पर उनके 2.70 लाख फॉलोअर्स हैं।
अभिजीत के सामने 3 बड़ी चुनौतियां
- फॉलोअर्स को वोटर्स में बदलना: सोशल मीडिया पर समर्थन की तुलना में जंतर-मंतर की कम भीड़ ने साबित किया कि पार्टी को जमीनीस्तर पर ब्लॉक और जिला कमेटियां बनानी होंगी। पार्टी के पास पॉलिटिक्स का अनुभव नहीं है। सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की ताकत तो है, लेकिन सवाल है कि अगर वे चुनाव में उतरते हैं तो क्या इसे वोट बैंक में बदल पाएंगे।
- अन्ना आंदोलन जैसा मददगार कैडर नहीं: 2011 के अन्ना आंदोलन की कामयाबी के पीछे अलग-अलग संगठनों का समर्थन था। कॉकरोच जनता पार्टी के पास कैडर नहीं है। उसका पूरा आधार क्लिक एक्टिविज्म पर टिका है। इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स होना डिजिटल उपलब्धि तो है, लेकिन इस वर्चुअल कैडर के पास न लीडर हैं और न ही बूथ मैनेजमेंट की कोई समझ।
- सिंगल पॉइंट एजेंडा नहीं: कामयाब राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन की पहली शर्त सिंगल पॉइंट एजेंडा है। अन्ना आंदोलन का एक साफ मकसद था- लोकपाल बिल। इससे लोग जुड़ गए। कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में आए लोगों में कोई मणिपुर की बात कर रहा था, कोई टैक्स और पानी के संकट की, तो कोई करप्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर की। पार्टी को स्पष्ट राष्ट्रीय नीति और एजेंडा सामने रखना होगा।



