नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंपोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ लगाने के प्लान की घोषणा की है। दवा कंपनियों पर इसका असर पड़ने की आशंका है। इससे बीएसई सेंसेक्स में करीब 800 अंक की गिरावट आई जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 एक्सचेंज 24,000 अंक से नीचे फिसल गया। दोपहर बाद 2.20 बजे सेंसेक्स 760.93 अंक यानी 0.98% गिरावट के साथ 76,709.18 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी भी 206.45 अंक 0.85% की गिरावट के साथ 23,981.25 अंक पर आ गया।
इस गिरावट से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 4.25 लाख करोड़ रुपये गिरकर 480 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इससे सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर गिरावट के साथ खुले। इंडिगो में सबसे ज्यादा गिरावट रही। इसके अलावा सन फार्मा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फिनसर्व और बीईएल में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। दूसरी ओर, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटरनल में तेजी रही। इस बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 0.1% गिरावट के साथ 96.3425 पर खुला। पिछले सत्र में यह 96.2350 पर बंद हुआ था।
फार्मा शेयरों का बुरा हाल
सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सिप्ला, ल्यूपिन, अरबिंदो फार्मा और दूसरी फार्मा कंपनियों के शेयरों में 2.5% तक की गिरावट आई। सन फार्मा के शेयर 2% गिरकर 1,924 रुपये पर आ गए जबकि सिप्ला के शेयर का भाव 2.5% फिसलकर 1,396 रुपये रह गया। ल्यूपिन के शेयर भी 2.5% गिरकर 2,452 रुपये पर आ गए, जबकि डॉ. रेड्डीज के शेयर एक प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 1,185 रुपये प्रति शेयर पर आ गए। जाइडस, एल्केम और टोरेंट फार्मा के शेयरों में भी 2% तक की गिरावट आई।



