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भोपाल। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (आरकेएमपी) पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम करने और आवाजाही को आसान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए रेलवे यार्ड में बड़े स्तर पर बदलाव किए जाएंगे। इसके तहत यार्ड में जो पुरानी सिविल संरचनाएं हैं, उन्हें शिफ्ट कर अप और डाउन लाइन पर नई लूप लाइनें बनाई जाएंगी।

आसान भाषा में समझें तो ये अतिरिक्त ट्रैक होंगे, जिन पर ट्रेनों को कुछ समय के लिए रोका जा सकेगा या उन्हें पास कराया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के बीच होने वाली क्रास मूवमेंट यानी एक-दूसरे को रास्ता देने की वजह से होने वाली देरी कम होगी। इसके बाद ट्रेनों के आने-जाने में होने वाली दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

बता दें कि अभी एक ही ट्रैक पर ज्यादा दबाव होने से ट्रेनों को रुकना पड़ता है। बताया जा रहा है कि योजना में दो नई स्टेबलिंग लाइनें भी बनाई जाएंगी। इनका इस्तेमाल उन ट्रेनों को खड़ा करने में होगा, जो कुछ समय के लिए यार्ड में रुकती हैं। अभी जगह की कमी के कारण कई बार ट्रेनों को मुख्य लाइन पर ही रोकना पड़ता है, जिससे बाकी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है। यह काम नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे का मानना है कि काम पूरा होते ही यार्ड की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन व्यवस्थित हो सकेगा।

यह होगा फायदा

  • सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलेगा। ट्रेनों की देरी कम होगी और समय पर प्लेटफार्म मिल सकेगा। अभी कई बार प्लेटफार्म खाली होने के बावजूद ट्रेन आउटर पर खड़ी रहती है, लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा कम होगा। पीक टाइम में ट्रेनों की भीड़भाड़ भी कम होगी और एक ट्रेन की वजह से दूसरी ट्रेन के रुकने की समस्या घटेगी।
  • इससे सफर ज्यादा आसान और भरोसेमंद बनेगा। रेलवे के लिए भी यह बदलाव फायदेमंद रहेगा, क्योंकि संचालन सुचारू 
होने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। कुल मिलाकर यह काम रानी कमलापति स्टेशन को भविष्य के बढ़ते ट्रैफिक के लिए तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।