मुंबई: इस साल अगस्त महीने में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे लगता है कि लोगों को लोन या क्रेडिट पर उधार मिलने में परेशानी हो रही है। तभी तो उन्हें लोन लेने के लिए घर का सोना गिरवी रखना पड़ रहा है। जी हां, Reserve Bank of India के आंकड़े कुछ ऐसा ही बता रहे हैं कि अब गोल्ड लोन का कुल अकाउंट होम लोन के कुल अकाउंट के बराबर पहुंचने वाला है।
कंज्यूमर डिमांड कोई खास नहीं बढ़ा
रिजर्व बैंक के Sectoral Credit Data से पता चलता है कि बीते अगस्त महीने के दौरान कंज्यूमर डिमांड कोई खास नहीं बढ़ा है। इस दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की खरीदारी के लिए लिए जाने वाले लोन और क्रेडिट कार्ड आउटस्टैंडिंग में महज 2.4% और 3.6% की ही बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी साल-दर-साल आधार पर दिखाया गया है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच बैंक क्रेडिट लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये या 4.8% बढ़कर 223.9 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी दौरान कुल क्रेडिट साल-दर-साल आधार पर 19.1% बढ़ा। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में डिसक्रेशनरी कंज्यूमर क्रेडिट की वृद्धि धीमी रही। इसी दौरान सिक्योर्ड रिटेल लोन, कॉर्पोरेट क्रेडिट और NBFCs को उधार देने की मांग मजबूत रही।
गोल्ड लोन सरपट भागा
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार FY27 के पहले पांच महीनों में गोल्ड लोन में 98,096 करोड़ रुपये जोड़े गए। यह अब होम लोन के आसपास पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि इस दौरान होम लोन अकाउंट में 98,858 करोड़ रुपये जोड़े गए। गोल्ड लोन का अकाउंट इसी तरह से बढ़ता गया तो यह जल्द ही होम लोन के कुल अकाउंट को पार कर जाएगा।
क्रेडिट कार्ड आउटस्टेंडिंग कितना बढ़ा?
बीते अगस्त महीने में क्रेडिट कार्ड आउटस्टैंडिंग करीब 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लेकिन FY27 के पहले पांच महीनों के दौरान इसमें केवल 4,740 करोड़ रुपये ही एड हुए। इस दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स खरीदने के लिए लिया गया लोन 23,295 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। हालांकि इस दौरान इसमें सिर्फ 1,333 करोड़ रुपये ही जोड़े गए। इस दौरान व्हीकल लोन का ग्रोथ शानदार रहा। यह साल दर साल के आधार पर 19.7% फीसदी की दर से बढ़ा और 7.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान कुल 37,027 करोड़ रुपये के व्हीकल लोन लिए गए।
गोल्ड लोन का अकाउंट 5.6 लाख करोड़ तक
रिटेल लोन लेने में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। इस साल अगस्त तक 5.6 लाख करोड़ रुपये का लोन सोना गिरवी रख कर लिया जा चुका था। यह सलाना आधार पर 83.2% की वृद्धि दिखाता है। एक ही साल पहले यह लगभग 3 लाख करोड़ रुपये ही था। फिक्स्ड डिपॉजिट या एफडी पेपर को गिरवी रख कर लिया गया लोन भी सलाना आधार पर 43.2% बढ़ा है। अब यह 2 लाख करोड़ रुपये का हो गया । इस दौरान इसमें 35,166 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
गोल्ड लोन पर कितना ब्याज लगता है
आम लोगों के मन में सवाल उठता है कि गोल्ड लोन पर कितना ब्याज लगता है? अपने देश में गोल्ड लोन एनबीएफसी से लेकर सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक सोना गिरवी रख कर गोल्ड लोन देते हैं। जहां तक ब्याज दर की बात है तो इस पर आमतौर पर 9.00% से 24% प्रति वर्ष का ब्याज चार्ज किया जाता है।



