नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने अपने इंटरनेशनल करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए। इरफान भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बने। इरफान पठान का जन्म 27 अक्टूबर 1984 को गुजरात के वडोदरा में हुआ। इरफान के परिवार की आर्थिक स्थिति कोई बहुत अच्छी नहीं थी और पिता मस्जिद में मुअज्जिन थे। हालांकि, इरफान को क्रिकेट के खेल से बचपन से ही लगाव था। बड़े भाई यूसुफ पठान के साथ मिलकर वह मस्जिद के पास ही मौजूद मैदान पर खूब क्रिकेट खेला करते थे।
अंडर 15 से हुआ था सिलेक्शन
इरफान का सिलेक्शन जल्द ही भारत की अंडर-15 टीम में हुआ। यहां उन्होने अपनी गेंदबाजी से हर किसी को खासा प्रभावित किया। जल्द ही उन्होंने अंडर-19 टीम में भी जगह बना ली। घरेलू क्रिकेट में भी इरफान ने अपनी स्विंग के दम पर खूब नाम कमाया और सिलेक्टर्स की निगाहों में आ गए।
ऑस्ट्रेलिया में हुआ था डेब्यू
इरफान को टीम इंडिया के लिए अपना डेब्यू करने का मौका ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर मिला। टेस्ट क्रिकेट के अपने पहले मैच में इरफान भले ही कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार दमदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। इरफान ने अपना वनडे डेब्यू साल 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही किया।
पाकिस्तान के खिलाफ ली हैट्रिक
इरफान के करियर का सबसे बड़ा पल साल 2006 में आया, जब उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में लगातार तीन गेंदों पर 3 विकेट लेकर हैट्रिक पूरी की। वह यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बने। गेंदबाजी के साथ-साथ इरफान ने जल्द ही अपनी बल्लेबाजी से भी अहम योगदान देना शुरू कर दिया। टी20 विश्व कप 2007 में इरफान गेंदबाजी में भारतीय टीम के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 16 रन देकर 3 विकेट निकाले और भारतीय टीम को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।



