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राजगढ़: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित बलराम महोत्सव के मंच से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से संवाद कर रहे थे, तभी राजगढ़ जिले के एक युवा इन्फ्लुएंसर मनोज मीणा ने अपने गांव का नाम बताया। मनोज ने जैसे ही कहा कि वे ‘चोर खेड़ी’ गांव के रहने वाले हैं, तो यह सुनकर एक पल के लिए मुख्यमंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इसके तुरंत बाद सीएम ने मंच से ही इस गांव का नाम बदलने का भरोसा दिया।

इन्फ्लुएंसर मनोज मीणा ने मुख्यमंत्री को बताया कि कागजों में उनके गांव का नाम ‘संजय ग्राम’ कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद आम बोलचाल में लोग आज भी इसे ‘चोर खेड़ी’ ही बुलाते हैं। मनोज ने सीएम से सीधे गुहार लगाते हुए कहा, ‘अब आप बोल दीजिए, अगर बदल सकता है तो बदल जाएगा।’

मुख्यमंत्री ने समझाया नाम बदलने का नियम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मनोज की बात का जवाब देते हुए कहा कि इसका नाम किसी भगवान के नाम पर रख लो। इसके साथ ही उन्होंने नाम बदलने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि अपनी गांव की पंचायत से एक प्रस्ताव बनाकर तहसील भेजें। इसके बाद तहसील से यह प्रस्ताव कलेक्टर के पास आएगा और फिर गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदल दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिया कि ग्रामीण जो भी नाम चाहेंगे, वही नाम रख दिया जाएगा।

‘अजीब नाम वाले अन्य गांव भी बदलवाएं अपना नाम’

इस वाकये के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से आए इन्फ्लुएंसर्स से भी अपील की। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश के अन्य किसी भी गांव का नाम इस तरह का अजीब या आपत्तिजनक हो, तो वे भी इसी प्रक्रिया के तहत अपने गांव का नाम बदलवा सकते हैं।

इन्फ्लुएंसर्स को मिलेगी सरकार की मदद

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से सरकार की मदद करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता युवा, नारी, किसान और गरीब वर्ग का सशक्तिकरण करना है। इसलिए सभी इन्फ्लुएंसर्स सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित इंफॉर्मेटिव वीडियो और रील्स बनाएं ताकि आम लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके।