‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाकर मशहूर हुए सुनील लहरी एक्टिंग से दूर होकर भी फैंस संग जुड़े हैं और सोशल मीडिया पर अकसर ही काम की बातें और किस्से साझा करते रहते हैं। कई बार वह ऐसे मुद्दों पर भी रिएक्ट करते हैं, जिन पर आमतौर पर शायद ही कोई बात करता होगा। अब सुनील लहरी ने स्कूल और पढ़ाई से बच्चों के हटते मन पर बात की है। उन्होंने बताया है कि बच्चें क्यों पढ़ाई से पीछे हट रहे, अनचाहे मन से स्कूल जा रहे हैं। सुनील लहरी ने जहां बच्चों और उनके माता-पिता को चेताया, तो वहीं इसमें सुधार का तरीका भी बताया।
सुनील लहरी ने यह भी बताया कि कैसे पढ़ाई को बच्चों के लिए एंटरटेनिंग बनाया जाए। साथ ही पैरेंट्स को भी सलाह दी कि वो बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने की कोशिश करें और अच्छी शिक्षा दें। यह सब बातें सुनील लहरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए एक वीडियो में कहीं।
पढ़ाई में बच्चों का हाल देख सुनील लहरी परेशान
सुनील लहरी बोले, ‘देश में गर्मियों की छुट्टियों के बाद में कई जगहों पर स्कूल खुले हुए 8-10 दिन हो गए हैं, और कई जगहों पर आने वाले दिनों में स्कूल खुलने वाले हैं। जहां पर भी स्कूल खुल गए हैं, मैंने नोटिस किया है कि ज्यादातर बच्चों के अंदर एक्साइटमेंट नहीं है। थोड़े से लेज़ी हैं, अभी भी छुट्टी के मोड में हैं। पैरेंट्स का भी यही हाल है। वो अनचाहे मन से उन्हें छोड़ने जाते हैं। इसकी वजह ये है कि हमने बच्चों के अंदर स्कूल के प्रति कोई एक्साइटमेंट पैदा नहीं किया। उन्हें दूसरे एंटरटेनमेंट की तरह नहीं सिखाया। उन्हें हमने पढ़ाई का हौवा दिखाया।’
‘मेहनत की तो इंजॉय करोगे, नहीं तो रोना पड़ेगा’
सुनील लहरी ने फिर बच्चों और पैरेंट्स को चेताते हुए कहा, ‘जैसे दूसरे एंटरटेनमेंट हैं, हमें उसी तरह पढ़ाई को भी ट्रीट करना है। तभी वो लोग अच्छा कर पाएंगे, अच्छा पढ़ पाएंगे। दूसरी बात, हमें बच्चों के अंदर ये भावना जरूर लानी है कि अगर वो जिंदगी के शुरू के 15-18 साल की जो पढ़ाई होती है, उस पर पूरी तरह से ध्यान लगाकर, मेहनत करके पढ़ते हैं तो आगे की पूरी जिंदगी इंजॉय कर सकते हैं। नहीं तो, अभी इंजॉय करेंगे तो आगे जाकर पूरी जिंदगी रोना पड़ेगा।’
पैरेंट्स को सलाह- खेल खेल में पढ़ाएं, अच्छी शिक्षा दें
सुनील लहरी ने पैरेंट्स से कहा कि वो बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने की कोशिश करें, और बोलें, ‘मैं उन सभी बच्चों को अपनी तरफ से आशीर्वाद देता हूं। और चाहता हूं कि वो लोग पिछले साल से बेहतर करें। मां-बाप के लिए भी बहुत बड़ा टास्क है कि वो उन्हें अच्छा पढ़ाएं, अच्छी शिक्षा दें, और खेल-खेल में पढ़ाने की कोशिश करें।’
पैरेंट्स से की थी बच्चों को गांव ले जाने की गुजारिश
वहीं, कुछ हफ्ते पहले सुनील लहरी ने एक और वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने सभी पैरेंट्स से गुजारिश की थी कि वो गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को गांव लेकर जाएं और अपनी जड़ों से जोड़ें। सुनील लहरी ने कहा था कि पैरेंट्स छुट्टियों में अकसर ही विदेश घूमने निकल जाते हैं, जिससे बच्चों को अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और गांव की मिट्टी से जुड़ने का मौका नहीं मिल पाता। इसलिए बच्चों को गांव लेकर जाएं और बताएं कि जो हम खाते हैं, वो कहां से आता है और यह बहुत जरूरी है।



