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भोपाल। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया बुधवार को संपन्न हुई। इस चरण में 11 हजार 485 बच्चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश आवंटित किया गया।द्वितीय चरण की लॉटरी में उन बच्चों को शामिल किया गया था, जिन्हें पहले चरण में पसंद का स्कूल नहीं मिल पाया था। बच्चों को रिक्त सीटों के आधार पर दोबारा आवेदन और स्कूल चयन का अवसर दिया गया था।

नर्सरी, केजी-1 और कक्षा-1 के आंकड़े जारी

ऑनलाइन लॉटरी की प्रक्रिया हरजिंदर सिंह ने बटन क्लिक कर शुरू की। लॉटरी में नर्सरी कक्षा में 7 हजार 599, केजी-1 में 2 हजार 747 और कक्षा-1 में 1 हजार 139 बच्चों को प्रवेश मिला। संचालक हरजिंदर सिंह ने चयनित विद्यार्थियों और अभिभावकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की टीम की सराहना की।

अब तक 1.17 लाख से अधिक बच्चों को मिला प्रवेश

इस वर्ष दस्तावेज सत्यापन के बाद 1 लाख 80 हजार 875 बच्चे पात्र पाए गए थे, जिनमें से अब तक 1 लाख 17 हजार 400 से अधिक विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश आवंटित हो चुका है। अभिभावक आरटीई पोर्टल पर जाकर आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। चयनित बच्चों के अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से भी सूचना भेजी जा रही है। विद्यार्थियों का प्रवेश 20 मई से 10 जून 2026 तक संबंधित स्कूलों में किया जाएगा।