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वॉशिंगटन: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने जाने की भारत की मांग का पाकिस्तान ने एक बार फिर विरोध किया है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने भारत का नाम लिए बगैर कहा कि इस्लामाबाद UNSC में नए स्थायी सदस्यों को शामिल करने का विरोध करता है। इसके बजाय उन्होंने अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाए जाने के समर्थन में बात की। इफ्तिखार अहमद को पाकिस्तान का नया विदेश सचिव बनाया गया है। अगले सप्ताह वे इस पद को संभालने वाले हैं।

स्थायी सीट बढ़ाने का विरोध

पाकिस्तानी अखबार डॉन से बात करते हुए इफ्तिखार अहमद ने कहा कि हाल के वर्षों में शांति और सरक्षा के माहौल और सुरक्षा परिषद के भीतर हुए घटनाक्रमों ने सदस्य देशों के बड़े बहुमत के इस विश्वास को मजबूत किया है कि हमें एक अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधि वाली और जवाबदेह सुरक्षा परिषद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी नए स्थायी सदस्य को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

किसी भी नए स्थायी सदस्य को शामिल करने से समस्या और बढ़ेगी। सरल शब्दों में कहें तो, समस्या ही समाधान नहीं हो सकती।
आसिम इफ्तिखार अहमद, UN में पाकिस्तानी राजदूत

अस्थायी सदस्यता बढ़ाने की कही बात

इफ्तिखार अहमद ने ‘यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस’ ग्रुप का जिक्र किया और कहा कि इस समूह ने ऐसी परिषद की वकालत की है, जिसमें अधिक चुने हुए सदस्य हों। 12 देशों वाले इस ग्रुप को कॉफी क्लब कहा जाता है, जो UNSC में स्थायी सदस्यों की संख्या में वृद्धि का विरोध करता है। इस समूह में पाकिस्तान के साथ तुर्की, इटली, कनाडा, दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल हैं। पिछले महीने हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन के दौरान समूह ने बयान जारी कर स्थायी सदस्यों के विस्तार का विरोध किया था।

इफ्तिखार अहमद ने कहा, पाकिस्तान और कई अन्य देश सुरक्षा परिषद में अपना योगदान देने और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह से योग्य हैं। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को बिना किसी स्थायी सदस्यता और विशेषाधिकार के उस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए।