इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को एक बयान में देश में बढ़ते चरमपंथी हमलों के बीच सेना को पूरा समर्थन देने का वादा किया। शरीफ ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में ये बातें कही, जिसमें देश की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, शहबाज ने अंदरूनी और बाहरी खतरों से निपटने के लिए सेना को समर्थन देने का वादा किया।
शहबाज शरीफ के कार्यालय ने एक बयान में कहा, "प्रधानमंत्री ने देश के सामने आने वाले किसी भी बाहरी या अंदरूनी खतरे के खिलाफ सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने के सरकार और पाकिस्तान की जनता के अटूट संकल्प को दोहराया।"
चरमपंथी हमलों से जूझ रहा पाकिस्तान
शरीफ का बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान को अफगानिस्तान से सटे खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत में भारी चरमपंथी हमलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को बलूचिस्तान में BLA के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे ट्रक से पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के एक कैंप को निशाना बनाया था। विद्रोही समूह ने इस हमले में 30 पाकिस्तानी जवानों की मौत का दावा किया जबकि कई घायल हुए हैं।
भारत और अफगानिस्तान पर आरोप
पाकिस्तान की सरकार नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमले किए लिए भारत पर निशाना साधती है। इस्लामाबाद का कहना है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच लिबरेशन आर्मी जैसे संगठनों को नई दिल्ली से समर्थन मिल रहा है। इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर इन समूहों को अफगान जमीन पर पनाह देने का आरोप लगाया है। पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगानिस्तान के अंदर हमले भी किए हैं, जिसके चलते दोनों के बीच सीधा संघर्ष हो चुका है।भारत और अफगानिस्तान दोनों ही पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हैं। भारत ने साफ कहा है कि पाकिस्तान खुद आतंक की फैक्ट्री है। पाकिस्तान ने क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए चरमपंथी संगठनों को पाल-पोस कर बड़ा किया, आज वही उसके लिए नासूर बने हुए हैं। वहीं, अफगान तालिबान ने कहा है कि पाकिस्तान में हिंसक हमले उसकी स्थानीय समस्या है और इस्लामाबाद इसको दोष दूसरों से सिर मढ़ना चाहता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से ही तनाव भरे बने हुए हैं। इस हमले को पाकिस्तानी जमीन पर पनाह पाए आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ने अंजाम दिया था। भारत ने मई की शुरुआत में पाकिस्तान और पीओके के अंदर आतंकवादी समूहों के ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों का तीखा सैन्य टकराव हुआ।



