नई दिल्ली: एनएसई की गुरुवार को शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई। कंपनी की बीएसई पर लिस्टिंग फीकी रही लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयरों में तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान यह शेयर 1878 रुपये तक गया और फिर 1818 रुपये पर बंद हुआ। इसके साथ ही एनएसई मार्केट कैप के मामले में दुनिया का छठा सबसे बड़ा एक्सचेंज बन गया है। गुरुवार के बंद भाव पर इसका मार्केट कैप लगभग $47 बिलियन (₹4.5 लाख करोड़) तक पहुंच गया।
एनएसई का शेयर बीएसई पर ₹1,800 पर लिस्ट हुआ जबकि इसका इश्यू प्राइस ₹1,785 था। यह कैश और इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में कुल टर्नओवर के हिसाब से देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। एनएसई का शेयर 43 गुना के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके लिस्टेड ग्लोबल स्टॉक एक्सचेंजेज में सबसे ज्यादा है। यह वैल्यूएशन प्रीमियम निवेशकों की उम्मीदों को दिखाता है।
कौन-कौन हैं टॉप पर
ब्लूमबर्ग के मुताबिक न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) की पैरेंट कंपनी इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) $87.8 बिलियन के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे बड़ी लिस्टेड एक्सचेंज कंपनी है। इसके बाद हॉन्ग कॉन्ग एक्सचेंजेज एंड क्लियरिंग और डॉयचे बोर्स हैं। इनका मार्केट कैप क्रमशः $63.6 बिलियन और $59.5 बिलियन है। नैस्डैक और लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप का मार्केट कैप क्रमशः $53.3 बिलियन और $53 बिलियन है।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट कैप बेस छोटा होने के बावजूद, NSE का P/E मल्टीपल टॉप पांच ग्लोबल एक्सचेंजों की 25-30 गुना की रेंज से काफी ऊपर है और 10 सबसे बड़े लिस्टेड एक्सचेंज ऑपरेटरों की 24-34 गुना की रेंज से भी ज्यादा है। बढ़ती आय, बचत के बढ़ते फाइनेंशियलाइज़ेशन और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के कारण भारत के कैपिटल मार्केट में मजबूत स्ट्रक्चरल ग्रोथ की उम्मीद है।
ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी
रेडसीर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कैश मार्केट टर्नओवर फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹280 लाख करोड़ से बढ़कर FY30 तक ₹473-507 लाख करोड़ होने का अनुमान है। इसके सालाना 14-16% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में भी NSE की तुलना दुनिया की दूसरी बड़ी कंपनियों से अच्छी है। इसका ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 66.9% है, जो पांच सबसे बड़ी लिस्टेड एक्सचेंज कंपनियों के 53-80% की रेंज में ऊपरी स्तर पर है।



