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रणवीर सिंह और ‘डॉन 3’ का विवाद अपने चरम पर है। मामले पर सोमवार को तब नए सिरे से शोर मचना शुरू हो गया, जब खबर आई कि ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) ने एक्टर पर बैन लगा दिया है। हालांकि, FWICE के मुख्य सलाहकार और फिल्‍म प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने साफ किया है कि यह ‘बैन’ यानी प्रतिबंध लगाने जैसी बात नहीं है। रणवीर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और एक ‘नॉन-कोऑपरेशन’ यानी ‘असहयोग’ का निर्देश जारी किया गया है। यह कदम रणवीर सिंह के फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के बाद उठाया गया है। अशोक पंडित ने स्‍पष्‍ट किया कि संगठन किसी पर भी ‘बैन नहीं लगा सकता’, क्योंकि यह कोई अदालत नहीं है।

हमारे सहयोगी ‘ईटाइम्‍स’ से बातचीत में अशोक पंडित ने कहा, ‘देखिए सबसे पहले तो पूरी बातचीत ही गलत हो गई है। यह कोई बैन नहीं है। देखिए, हम कोई अदालत नहीं हैं। हम लोगों पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते, यार। इसलिए हमने एक ‘नॉन-कोऑपरेशन’ निर्देश जारी किया है। इसका सीधा सा मतलब है कि FWICE के सभी सदस्य, जो 30 अलग-अलग विभागों से जुड़े हैं, रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे।’

रणवीर सिंह के ख‍िलाफ 11 मई को FWICE के पास आई श‍िकायत

रणवीर सिंह के ख‍िलाफ यह कार्रवाई तब हुई जब फिल्ममेकर फरहान अख्तर ने 2 अप्रैल को ‘इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन’ (IFTDA) से संपर्क किया। इसके बाद, 11 मई को इस मामले की श‍िकायत FWICE के पास की गई। फेडरेशन ने कहा कि उसने इस मामले को गंभीरता से लिया है, लेकिन वह अभी भी आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए तैयार है। सोमवार को फेडरेशन के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी, मुख्य सलाहकार अशोक पंडित, मानद महासचिव अशोक दुबे और कोषाध्यक्ष गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव, ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की और FWICE की ओर से नोटिस जारी करने का ऐलान किया।

‘यह प्रतिबंध नहीं, बस हम रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे’

FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने साफ किया कि यह अलग-अलग सदस्यों पर निर्भर करता है कि वे रणवीर सिंह के साथ काम करना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि फिल्म संस्था ने, एक ट्रेड यूनियन के तौर पर केवल एक निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि जब तक यह मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक उसके सदस्य इस अभिनेता के साथ काम करने से परहेज करेंगे। यह मुद्दा अभी भी अनसुलझा है और इस घटना से इंडस्ट्री में एक गलत मिसाल कायम हो सकती है।

‘हर कोई करोड़ों का नुकसान नहीं उठा सकता’

अशोक पंडित ने इस बात पर जोर दिया कि कलाकारों का अचानक प्रोजेक्ट छोड़ देने के इस तरह के चलन के निर्माताओं के लिए गंभीर आर्थिक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हर प्रोडक्शन हाउस Excel Entertainment जितना आर्थिक रूप से सुरक्षित नहीं होता और हर कोई करोड़ों का नुकसान उठाने की स्थिति में नहीं होता। फरहान ने प्री-प्रोडक्शन पर हुए सभी खर्चों का ब्योरा भी पेश किया, जिनका हिसाब-किताब रखा गया है और ऑडिट भी हुआ है। इनमें होटल बुकिंग, लोकेशन बुकिंग और 200 से ज्यादा कर्मचारियों के लिए विदेश यात्रा की बुकिंग शामिल है। सब कुछ कागजों पर मौजूद है।’

‘रणवीर से 3 फिल्‍मों की डील थी, वह प्लानिंग, प्रोमो में आए, पर 3 हफ्ते छोड़ दी’

अशोक पंडित ने आगे बताया कि प्रोड्यूसर्स ने प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही काफी खर्च कर दिया था। प्रोडक्शन हाउस ने प्री-प्रोडक्शन पर लगभग 45 करोड़ खर्च किए हैं। रणवीर ने प्रोड्यूसर्स के साथ तीन फिल्मों की डील साइन की थी और ‘डॉन 3’ की पूरी तैयारी उनकी मौजूदगी में हुई थी। वह स्क्रिप्ट डिस्कशन, क्रिएटिव डिसीजन, कॉस्ट्यूम प्लानिंग और प्रोजेक्ट के दूसरे पहलुओं में एक्टिव रूप से शामिल थे। उन्होंने प्रोमो भी शूट किया और ‘धुरंधर पार्ट 1’ की रिलीज के बाद भी फिल्म से जुड़ी चर्चाओं का हिस्सा बने रहे। लेकिन शूट से तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ना, सही नहीं ठहराया जा सकता, चाहे वजह कुछ भी हो। उन्होंने आगे कहा, ‘कल को कोई बड़ा डायरेक्टर फिल्म छोड़ दे तो? यही वह मुद्दा है जिसे हम सुलझाना चाहते हैं। यह साइनिंग अमाउंट का सवाल नहीं है, क्योंकि पैसा इसने एक भी नहीं लिया है।’

‘हमने रणवीर को तीन बार बुलाया, पर कोई जवाब नहीं मिला’

अशोक पंडित के मुताबिक, फेडरेशन ने फैसला लेने से पहले रणवीर सिंह से कई बार बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘प्रोटोकॉल के तहत हमने रणवीर को अपना पक्ष रखने के लिए तीन बार बुलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा के बाद हमें एक ईमेल मिला जिसमें कहा गया था कि फेडरेशन इस मुद्दे के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। बाद में हमें उनकी टीम से एक और ईमेल मिला जिसमें इस मामले पर चर्चा करने की इच्छा जताई गई थी। हम चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन हम उनसे सीधे मिलना चाहते हैं, जैसे हम फरहान और रितेश से मिले थे। पीड़ित पक्ष प्री-प्रोडक्शन पर खर्च हुए लगभग 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि अगर रणवीर फिल्म नहीं कर रहे हैं तो ठीक है, लेकिन प्रोजेक्ट पर हुआ खर्च वापस किया जाना चाहिए।’

‘हम यह नहीं कह रहे हैं कि रणवीर सिंह काम नहीं कर सकते’

FWICE का स्टैंड समझाते हुए इसके प्रेसिडेंट बीएन तिवारी कहते हैं, ‘हमने रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया है। एक मैसेज जाना चाहिए इंडस्ट्री को कि अगर कोई सुपरस्टार भी है तो वो किसी नियम से बड़ा नहीं है। जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, हमसे जुड़ा कोई भी मेंबर या फेडरेशन उनके साथ काम नहीं करेगा। हम यह नहीं कह रहे हैं कि वह इंडस्‍ट्री में काम नहीं कर सकते। हम सिर्फ यह कह रहे हैं कि हमारे मेंबर अभी उनके साथ काम नहीं करेंगे। उनकी टीम ने हमें लिखा कि इस मामले में फेडरेशन का जूरिस्डिक्शन नहीं है। उनको पता नहीं फेडरेशन भी कोई चीज है। हम रणवीर से सीधे मिलने के लिए तैयार हैं, किसी रिप्रेजेंटेटिव के जरिए नहीं। आप भी हमारी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं, आसमान से नहीं आए हैं। कोई भी सुपरस्टार इंडस्ट्री के नियमों से ऊपर नहीं है।’

‘जो फरहान के साथ हुआ है वो किसी और के साथ भी हो सकता’

बीएन तिवारी ने दो टूक शब्‍दों में आगे कहा, ‘यह डायरेक्टिव फ्यूचर प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होता है। हमने इस मामले पर सहयोगी यूनियनों से बात की है और एकमत होकर फैसला लिया है। स्पॉट बॉय से लेकर बाउंसर तक काम नहीं करेंगे उनके साथ। आज जो फरहान के साथ हुआ है वो किसी और के साथ भी हो सकता है। अगर कोई प्रोड्यूसर किसी एक्टर या टेक्नीशियन को आखिरी मिनट में हटाता है तो हम भी इसी तरह रिएक्ट करेंगे। एक बार लोकेशन और प्रोडक्शन लॉजिस्टिक्स तय हो जाने के बाद, कोई भी आखिरी मिनट में किसी प्रोजेक्ट से पीछे नहीं हट सकता। हर लेवल पर जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है।’

‘इंडस्ट्री सिर्फ मिलकर ही चल सकती है, अकेले दम पर नहीं’

अशोक पंडित ने आख‍िर में आगे कहा, ‘फेडरेशन की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। लेकिन इंडस्ट्री के भले के लिए हम इस तरह की रुकावटों को न तो मानेंगे और न ही नजरअंदाज करेंगे। हम उन लोगों की हिफाजत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं जो इंडस्ट्री को चलाते हैं। हम टेक्नीशियन, मजदूरों और फ‍िल्म बनाने से जुड़े सभी कारीगरों के लिए लगातार रोजगार के मौके पक्के करेंगे। इंडस्ट्री सिर्फ मिलकर ही चल सकती है, अकेले दम पर इसे नहीं चलाया जा सकता। हमें साथ बैठकर हल निकालना होगा। हमने रणवीर की स्टारडम का जश्न मनाया है, लेकिन जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है।’