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भोपाल, भोपाल में शुक्रवार को NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के विरोध में कांग्रेस छात्र संगठन NSUI ने बड़ा प्रदर्शन किया। NSUI के सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए 5 बार वॉटर कैनन चलाया। NSUI कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों की तरफ जूता फेंक दिया। इससे पुलिस अधिकारी नाराज हो गए। माइक से कार्यकर्ताओं को अभद्रता नहीं करने की चेतावनी दी। ये किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं बवाल के बीच पुलिस हरकत में आ गई। बड़ी संख्या में NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इमें पूर्व CM दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कांग्रेस के 200 कार्यकर्ताओं पुलिस हिरासत में हैं। नेताओं को बस में भरकर पुलिस ले गई है।

बैरिकेडिंग पर चढ़े NSUI अध्यक्ष, पुलिस ने चलाए वाटर कैनन

प्रदर्शन के दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। विनोद जाखड़ लगातार बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते रहे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए एक-दो नहीं बल्कि पांच बार वाटर कैनन चलाए।

वॉटर कैनन की तेज बौछारों के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के सामने डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

दिग्विजय सिंह बोले- शिक्षा मंत्री इस्तीफे दे

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग भी उठाई।

छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस

प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेताओं का कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।