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भोपाल। डिजिटल दौर में भारतीय डाक विभाग तेजी से खुद को बदल रहा है। एक समय था जब पोस्ट ऑफिस का मतलब केवल चिट्ठियां, मनीऑर्डर और रजिस्ट्री होता था, लेकिन अब यह विभाग बैंकिंग, बीमा, आधार, पासपोर्ट और ई-कॉमर्स जैसी सेवाओं का बड़ा केंद्र बन चुका है। निदेशक डाक सेवाएं आर.एस. रघुवंशी से बातचीत में डाक विभाग के बदलते स्वरूप, नई तकनीक और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई अहम बातें सामने आईं।

सवाल: क्या डिजिटल युग में चिट्ठियों का महत्व कम हो गयाजवाब: आज मोबाइल, ईमेल और सोशल मीडिया के कारण व्यक्तिगत चिट्ठियों का चलन पहले की तुलना में कम हुआ है। लोग तुरंत संवाद कर लेते हैं, इसलिए पत्र लिखने की आदत घटी है। लेकिन हाथ से लिखे पत्रों की भावनात्मक अहमियत आज भी बनी हुई है। कई लोग पुराने पत्रों को यादों के रूप में संभालकर रखते हैं। सवाल: नई पीढ़ी को पत्र लेखन से जोड़ने के लिए विभाग क्या कर रहा है?

जवाब: भारतीय डाक विभाग जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेटर राइटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित करता है। स्कूलों के बच्चे इसमें भाग लेते हैं। इसका उद्देश्य बच्चों में लेखन क्षमता, भाषा की समझ और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करना है।

सवाल: आज पोस्ट आफिस की सबसे बड़ी भूमिका क्या है?

जवाब: अब पोस्ट आफिस केवल डाक सेवा तक सीमित नहीं है। आधार अपडेट, पासपोर्ट सेवा, बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं भी पोस्ट आफिस के माध्यम से दी जा रही हैं। देशभर में डेढ़ लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस हैं, जिनकी पहुंच गांव-गांव तक है।

सवाल: ग्रामीण क्षेत्रों में डाक विभाग कैसे काम कर रहा है?

जवाब: ग्रामीण इलाकों में लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए “ग्रामीण डाक चौपाल” जैसी पहल शुरू की गई है। गांवों में बैठकों के जरिए लोगों को बचत योजनाओं, बीमा और सरकारी सेवाओं की जानकारी दी जाती है। महिला कर्मचारियों की भागीदारी भी बढ़ी है, जिससे ग्रामीण महिलाओं तक बेहतर पहुंच बनी है।

सवाल: रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट को लेकर लोगों में क्या भ्रम है?

जवाब: कई लोग समझते हैं कि रजिस्ट्री अलग सेवा है, जबकि रजिस्ट्रेशन वास्तव में एक सुरक्षा सुविधा है। अब स्पीड पोस्ट के साथ भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। इससे संवेदनशील दस्तावेज केवल संबंधित व्यक्ति को ही सौंपे जाते हैं।

सवाल: डिजिटल तकनीक में डाक विभाग क्या बदलाव कर रहा है?

जवाब: हमने एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलाजी (एपीटी 2.0) प्लेटफार्म शुरू किया है। ग्राहक अब घर बैठे पार्सल बुक कर सकते हैं और आनलाइन ट्रैकिंग के जरिए उसकी पूरी जानकारी देख सकते हैं। मोबाइल अलर्ट सिस्टम भी शुरू किया गया है, जिससे डिलीवरी की सूचना सीधे ग्राहक तक पहुंचती है।

सवाल: ई-कामर्स सेक्टर में इंडिया पोस्ट की क्या भूमिका है?

जवाब: ई-कामर्स तेजी से बढ़ रहा है और इंडिया पोस्ट इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। कई ई-कंपनियां ग्रामीण क्षेत्रों में डिलीवरी के लिए इंडिया पोस्ट के नेटवर्क का उपयोग कर रही हैं। हमारे पास गांव-गांव तक पहुंच है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

सवाल: क्या विभाग भविष्य के लिए कोई बड़ी योजना बना रहा है?

जवाब: भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में आधुनिक पार्सल हब और वेयरहाउस बनाने की योजना पर काम चल रहा है। आने वाले पांच सालों में हमारा लक्ष्य पार्सल और ई-कॉमर्स डिलीवरी के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा और भरोसेमंद नेटवर्क बनना है।