भोपाल। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने के लिए मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी घोषित किया है। उन्होंने नई दिल्ली में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से भेंट की। इस दौरान चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। वह शनिवार को भोपाल पहुंचेंगी और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित विधायक दल की बैठक में शामिल होंगी। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी उपस्थित रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश के नेताओं को साफ कर दिया है कि चुनाव में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। सभी विधायकों को पहले ही चुनाव की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट रूप से बता दिया जाए। दरअसल, कांग्रेस के पास नटराजन को राज्यसभा भेजने के लिए छह विधायक अतिरिक्त हैं। 230 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 58 प्राथमिकता वाले मतों की आवश्यकता है।
श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर रोक है तो सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्मला सप्रे को लेकर संशय की स्थिति है। उनके विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दलबदल का मामला लगाया हुआ है, जो हाई कोर्ट जबलपुर में लंबित है।
कांग्रेस के पास चार अतिरिक्त वोट
इस प्रकार देखा जाए तो पार्टी के पास चार वोट अतिरिक्त हैं। यदि भाजपा तीसरा प्रत्याशी उतारती है और क्रॉस वोटिंग की स्थिति बनती है तो मुश्किल हो सकती है। इसे देखते हुए पार्टी सतर्कता बरत रही है। प्रदेश कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष द्वारा विधायकों से संवाद किया जा रहा है।
सोमवार को नामांकन पत्र करेंगी जमा
सूत्रों का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन सोमवार को नामांकन पत्र जमा करेंगी। एकजुटता दिखाने के लिए उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता साथ रहेंगे। अधिकतम नामांकन पत्र के चार सेट जमा किए जा सकते हैं। एक में दस प्रस्तावक रहते हैं।



